श्मशान घाट नहीं इंसुलेटर मशीन में किया जाए कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार

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समाचार सच, हल्द्वानी। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच संक्रमितों की मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार श्मशान घाटों में न करने की मांग उठने लगी है। बीते दिवस कोरोना संक्रमित की राजपुरा स्थित मुक्तिधाम में अंत्येष्टि के बाद यहां के निवासी स्वयं को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं और दहशत में हैं। इसे लेकर उन्होंने एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा है। जिसमें उन्होंने संक्रमण से होने वाली मौतों के बाद संक्रमितों का अंतिम संस्कार श्मशान घाट के बजाय इंसुलेटर मशीन में करने की मांग की है। 

ज्ञापन में कहा गया है कि मुक्तिधाम के समीप वाल्मीकि बस्ती के साथ ही अन्य समाज के लोग बड़ी संख्या में निवास करते हैं। मुक्ति धाम में शवों को अंतिम संस्कार हेतु लाया जाता रहा है। लेकिन कोरोना संक्रमितों का दाह संस्कार भी इसी मुक्ति धाम में किया जा रहा है। बीते दिवस भी एक कोरोना संक्रमित का अंतिम संस्कार यहां किया गया। मुक्ति धाम घनी आबादी में होने के कारण यहां कोरोना संक्रमित का अंतिम संस्कार होने से क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। साथ ही यहां के लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा भी उत्पन्न हो गया है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि अभी यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग में जलकर संक्रमण समाप्त हो जाता है। अतः संक्रमण फैलने से रोकने के लिए यहां कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार न किया जाए। ज्ञापन के माध्यम से कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार डॉ सुशीला तिवारी अस्पताल अथवा हरिद्वार स्थित इंसुलेटर मशीन में ही किया जाए। ज्ञापन में भीम फोर्स के नफीस अहमद खान, सिराज अहमद, कुलदीप अम्बेडकर, कृष्णा आर्या, मनीष गौतम, विशाल, डैनी, आफताब आलम अंसारी समेत मुक्ति धाम के आस-पास निवास करने वाले कई लोगों के हस्ताक्षर मौजूद रहे।

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