हल्द्वानी में हकीम के यहां गर्दन की मालिश के बाद मीनाक्षी की मौत, एक्सपर्ट डॉ. अंकिता चांदना ने दी सावधानी की सलाह

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समाचार सच, हल्द्वानी। रिपोर्ट- अजय सिंह चौहान।
गर्दन में दर्द था, इलाज की उम्मीद लेकर घर से निकली थी… लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी जिंदगी खत्म हो गई। पीछे रह गए दो छोटे-छोटे बच्चे और परिवार के लिए कभी न भरने वाला दर्द।

हल्द्वानी के दमुवाढूंगा क्षेत्र में रहने वाली मीनाक्षी की कालाढूंगी रोड स्थित एक हकीम के यहां गर्दन की मालिश के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने इलाज के दौरान लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

बताया जा रहा है कि मूल रूप से पिथौरागढ़ निवासी रामचंद्र दमुवाढूंगा में परिवार के साथ रहते हैं और निजी नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी मीनाक्षी पिछले करीब चार-पांच महीने से गर्दन के दर्द से परेशान थीं। उनका उपचार सुशीला तिवारी अस्पताल में भी चल रहा था।

परिजनों के अनुसार, शनिवार को लोगों की सलाह पर रामचंद्र अपनी पत्नी को कालाढूंगी रोड स्थित एक हकीम के पास लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां पहले मीनाक्षी की गर्दन की मालिश की गई और इसके बाद उनकी गर्दन को जोर से हिलाया गया। इसके बाद अचानक उनकी हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गईं।
घबराए परिजन मीनाक्षी को तत्काल बेस अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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मां गई… दो मासूमों की दुनिया सूनी हो गई
मीनाक्षी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं। जिस मां के साथ बच्चों की रोजमर्रा की जिंदगी जुड़ी थी, उसकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों का इंतजार कर रही है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि महिला की मौत चिकित्सकीय रूप से किस कारण से हुई। परिजनों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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घटना के बाद फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अंकिता चांदना ने दी सावधानी की सलाह
हल्द्वानी में सामने आई इस घटना को लेकर फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अंकिता चांदना ने लोगों से गर्दन के दर्द को लेकर किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गर्दन शरीर का बेहद संवेदनशील हिस्सा है और दर्द होने पर बिना उचित जांच के किसी व्यक्ति से जोरदार मालिश या गर्दन को झटका देने जैसी प्रक्रिया नहीं करानी चाहिए।

डॉ. चांदना ने कहा कि गर्दन के दर्द की वजह जाने बिना मनमाने तरीके से उपचार कराने से बचना चाहिए। लगातार दर्द या अन्य लक्षण होने पर योग्य चिकित्सक अथवा प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट से जांच और सलाह लेना बेहतर है। उन्होंने लोगों से इलाज कराने से पहले संबंधित व्यक्ति की योग्यता और प्रशिक्षण की जानकारी लेने की भी अपील की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि हल्द्वानी की इस महिला की मौत किस चिकित्सकीय कारण से हुई, यह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन ऐसी घटनाएं लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में बिना जांच के उपचार कराने के जोखिम के प्रति सावधान जरूर करती हैं।

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