धनतेरस 2023: इस दिन जरूर करने चाहिए ये उपाय जिससे होती है लक्ष्मी प्रसन्न

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। 10 नवंबर 2023 शुक्रवार को धन तेरस का त्योहार मानाया जाएगा। पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त शाम 05.47 से 07.43 तक रहेगा। इस दिन यदि आपने ज्योतिष के 5 उपाय कर लिए तो पूरे वर्ष घर में कभी धन की कमी नहीं रहेगी। इस दिन बर्तन, सोना, चांदी, कौड़ियां, धनिया, कपड़े, झाड़ू, वाहन, प्रॉपर्टी आदि खरीदने का प्रचलन है। इस दिन झाड़ू, अन्न, वस्त्र और और लोहा दान करने से वर्षभर बनी रहती है घर में बरकत और धन-समृद्धि के रास्ते खुल जाते हैं।

पांच देव पूजा
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि, लक्ष्मी, कुबेर, यम और गणेशजी की पूजा होती है। धनतेरस के दिन ग्रामीण क्षेत्र में मवेशियों को अच्छे से सजाकर उनकी पूजा करते हैं, क्योंकि ग्रामीणों के लिए पशु धन का सबसे ज्यादा महत्व होता है। दक्षिण भारत में लोग गायों को देवी लक्ष्मी के अवतार के रूप में मानते हैं इसलिए वहां के लोग गाय का विशेष सम्मान और आदर करते हैं।

दीपदान
धनतेरस के दिन यमराज के निमित्त जिस घर में दीपदान किया जाता है, वहां अकाल मृत्यु नहीं होती है। धनतेरस की शाम को मुख्य द्वार पर 13 और घर के अंदर भी 13 दीप जलाने होते हैं। लेकिन यम के नाम का दीपक परिवार के सभी सदस्यों के घर आने और खाने-पीने के बाद सोते समय जलाया जाता है। इस दीप को जलाने के लिए पुराने दीपक का उपयोग किया जाता है जिसमें सरसों का तेल डाला जाता है। यह दीपक घर से बाहर दक्षिण की ओर मुख कर नाली या कूड़े के ढेर के पास रख दिया जाता है। इसके बाद जल चढ़ा कर दीपदान करते समय यह मंत्र बोला जाता है-

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मृत्युना पाशहस्तेन कालेन भार्यया सह।
त्रयोदश्यां दीपदानात्सूर्यजः प्रीतयामिति।।

कई घरों में इस दिन रात को घर का सबसे बुजुर्ग सदस्य एक दीया जला कर पूरे घर में घुमाता है और फिर उसे लेकर घर से बाहर कहीं दूर रख कर आता है। घर के अन्य सदस्य अंदर रहते हैं और इस दीये को नहीं देखते हैं। यह दीया यम का दीया कहलाता है। माना जाता है कि पूरे घर में इसे घूमा कर बाहर ले जाने से सभी बुराइयां और कथित बुरी शक्तियां घर से बाहर चली जाती हैं।

खरीदें धनिया
धन तेरस के दिन सोना खरीदने का प्रचलन है। सोना नहीं खरीद सकते हैं तो पीतल का बर्तन खरीदें। यह दोनों वस्तुएं नहीं खरीद सकते हैं तो पीली कौड़ियां और धनिया खरीदें। खासकर धनिया खरीदना बहुत ही शुभ होता है। धनतेरस के दिन किसान लोग धनिये के बीच खरीदते हैं और आम शहरी पूजा के लिए धनिया खरीदता है। धनिया खरीदना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से भी धन का नुकसान नहीं होता है। धनतेरस के दिन आप कौड़ियां खरीदें और यदि वे पीली ना हो तो उन्हें हल्दी के घोल में पीला कर लें। बाद में इनकी पूजा कर अपनी तिजोरी में रखें। इसके अलावा धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त देखकर बाजार से गांठ वाली पीली हल्दी अथवा काली हल्दी को घर लाएं। इस हल्दी को कोरे कपड़े पर रखकर स्थापित करें तथा षडोशपचार से पूजन करें।

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दान करें
धनतेरस के दिन यदि आप चीनी, बताशा, खीर, चावल, सफेद कपड़ा आदि अन्य सफेद वस्तुएं दान करते हैं, तो आपको धन की कमी नहीं होगी। जमा पूंजी बढ़ने के साथ ही कार्यों में आ रहीं बाधाएं भी दूर होंगी। इस दिन यदि आपके दरवाजे पर कोई भिखारी, जमादार या गरीब व्यक्ति आए, तो उसे खाली हाथ न भेजें। आप कुछ न कुछ उसे जरूर दें। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आपको समृद्धि का आशीष देती हैं। इससे आपको हर कार्य में अपार सफलता भी मिलेगी। इस दिन आप किसी मंदिर में जाकर केले का पौधा या कोई सुगंधित पौधा लगाएं। जैसे-जैसे ये हरे भरे और बड़े होंगे, आपको जीवन में भी सफलताएं बढ़ेंगी। इस दिन अन्न दान, वस्त्र दान, लोह दान और मंदिर में झाड़ू दान करने के भी प्रचलन है।

सब कुछ नया करें
इस दिन बहीखातों की पूजा करना और लेखा-जोखा कार्य भी शुरू कर सकते हैं। इस दिन से नए कार्यों की शुरुआत करें और संकल्प लें कुछ नया करने का। धन तेरस पर नई झाड़ू खरीदकर उसकी पूजा की जाती है। घर में नई झाड़ू लाने के अलावा आप किसी मंदिर में या किसी सफाई कर्मी को अच्छी वाली झाड़ू खरीदकर दान कर सकते हैं। इससे लक्ष्मी माता आप पर प्रसन्न होंगी।

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