समाचार सच, घनसाली/टिहरी। टिहरी जिले के डीएम मंगेश घिल्डियाल पहाड़ी रास्तों पर 17 किमी की पैदल दूरी नापकर सीमांत गांव गंगी पहुंचे। गांव पैदल पहुंचने की बात सुनकर ग्रामीण उन्हें देखकर हैरान रह गए। इस दौरान गांव पहुंचकर उन्होंने आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया। ग्रामीणों ने आपदा से क्षतिग्रस्त हुए रास्तों, पैदल पुलों और विद्यालय भवन का जल्द निर्माण करने की मांग उठाई। डीएम ने पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को तीन माह से यातायात के लिए बंद पड़ी घुत्तू-रीह-गंगी सड़क जल्द खोलने के निर्देश दिए। भिलंगना ब्लॉक के सीमांत गंगी गांव में बीते 10 अगस्त को बारिश से भारी नुकसान हुआ था। गांव के बीचों बीच बहने वाला गदेरा उफान पर आने से दस लोगों के मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे। तीन गोशाला ढहने से 15 पशु भी मलबे में दबकर जिंदा दफन हो गए थे। पेयजल लाइन, घराट, संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। निर्माणाधीन 20 किमी घुत्तू-रीह-गंगी सड़क मार्ग भी आपदा से क्षतिग्रस्त होकर जुलाई से यातायात के लिए बाधित है। डीएम मंगेश घिल्डियाल और सीडीओ अभिषेक रूहेला पैदल दूरी तय कर गंगी गांव पहुंचे थे। डीएम ने अधिकारियों को सड़क जल्द खोलने के निर्देश दिए। सड़क पर पीएमजीएसवाई ने सोमवार से कार्य शुरू कर दिया है। डीएम ने बताया कि आपदा प्रभावित सभी परिवारों को मुआवजा राशि पहले ही दे दी गई है। अन्य सुविधाएं ही जल्द सुचारू कराई जाएंगी। डीएम ने अधिकारियों को सड़क जल्द खोलने के निर्देश दिए। सड़क पर पीएमजीएसवाई ने कार्य शुरू कर दिया है। डीएम ने बताया कि आपदा प्रभावित सभी परिवारों को मुआवजा राशि पहले ही दे दी गई है। अन्य सुविधाएं ही जल्द सुचारू कराई जाएंगी। 2012 बैच के आईएएस अफसर घिल्डियाल राज्य के लोकप्रिय नौकरशाहों में से हैं। रुद्रप्रयाग में जिलाधिकारी रहते हुए केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। टिहरी के जिलाधिकारी के तौर पर कोरोनाकाल में प्रभावी भूमिका के लिए वह काफी चर्चित रहे हैं।
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