गंगा दशहरा पर इन चीजों का दान करने से मिलेगा अक्षय पुण्य का फल

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। शास्त्रों में गंगा दशहरा का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन मां गंगा का अवतरण धरती पर हुआ था। इस दिन दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
गंगा दशहरा हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है। ज्योतिष पंचांग अनुसार गंगा दशहरा का पर्व हर साल ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। जो इस बार 9 जून को पड़ रही है। इस बार गंगा दशहरा पर 10 योग में से सात योग बन रहे हैं। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार इसी दिन मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं। इसलिए इस दिन गंगा स्नान करना काफी फलदायी माना जाता है। इसी के साथ दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

बन रहे हैं 7 शुभ योग और मुहूर्त –
पुराणों के अनुसार जिस दिन मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुईं उस दिन दस प्रकार के विशेष और मुहूर्त योग रहे थे। वहीं जिसमें से इस साल ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, हस्त नक्षत्र, व्यतिपात योग, गर करण और कन्यास्थ चंद्रमा होगा। मतलब इस साल 7 विशेष योग और मुहूर्त बन रहे हैं।

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जानिए शुभ मुहूर्त –
ज्योतिष पंचांग के अनुसार इस बार गंगा दशहरा गुरुवार, 9 जून 2022 को मनाया जाएगा। आपको बता दें कि ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि गुरुवार, 09 जून को सुबह 08 बजकर 22 मिनट से आरंभ होकर शुक्रवार, 10 जून को सुबह 07 बजकर 25 मिनट पर खत्म होगी।

पूजा विधि – वैसे तो गंगा दशहरा के दिन पवित्र नदी गंगा में स्नान करने की परंपरा है। यदि आप गंगा के तट पर नहीं में असमर्थ हैं तो आस-पास के तालाब या नदी में भी मां गंगा का नाम लेकर डुबकी लगाई जा सकती है। साथ ही डुबकी लगाते समय ‘ऊँ नमः शिवायै नारायण्यै दशहरायै गंगायै नमः’ मंत्र का उच्चारण जरूर करें। आप चाहें तो घर में नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं। गंगा नदी में स्नान-ध्यान करने से व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिलती है। दान का भी विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि गंगा नाम के स्मरण मात्र से व्यक्ति के पाप मिट जाते हैं।

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इन चीजों का करें दान-
शास्त्रों के अनुसार इस दिन किए गए दान का अक्षय पुण्य का फल प्राप्त होता है। इस दिन जल, अन्न, फल, वस्त्र, पूजन व सुहाग सामग्री, घी, नमक, तेल, शकर और स्वर्ण का दान कर सकते हैं। गंगा दशहरा पर दैहिक शुद्धि के लिए दशविध स्नान करना शुभ माना गया है।

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