सिलक्यारा टनल में फिर मौत! 2023 के रेस्क्यू की यादें हुईं ताजा, मलबा गिरने से 21 वर्षीय श्रमिक की दर्दनाक मौत

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रात दो बजे टनल के भीतर शॉटक्रीट लाइनिंग का हिस्सा टूटा, झारखंड निवासी श्रमिक की मौके पर ही मौत; NHIDCL ने शुरू की जांच

समाचार सच, उत्तरकाशी| चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत निर्माणाधीन सिलक्यारा टनल में गुरुवार तड़के एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया। टनल के भीतर शॉटक्रीट (कंक्रीट) लाइनिंग का एक हिस्सा अचानक टूटकर गिरने से 21 वर्षीय श्रमिक की मलबे में दबकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक झारखंड का निवासी बताया गया है। इस घटना ने नवंबर 2023 के उस ऐतिहासिक हादसे की यादें फिर ताजा कर दी हैं, जब इसी सुरंग में 41 श्रमिक 17 दिनों तक फंसे रहे थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसा गुरुवार तड़के करीब दो बजे बड़कोट छोर से लगभग 900 मीटर अंदर हुआ। उस समय टनल में नियमित निर्माण कार्य चल रहा था। अचानक कंक्रीट लाइनिंग का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा, जिसकी चपेट में एक श्रमिक आ गया। हादसे के बाद टनल में अफरा-तफरी मच गई। साथी श्रमिकों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर घायल को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

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घटना की सूचना मिलते ही बड़कोट पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

बड़कोट कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुभाष चन्द्र ने बताया कि मृतक का शव सुरक्षित मोर्चरी में रखा गया है। उसके साथ काम करने वाले अन्य श्रमिक नौगांव में मौजूद हैं तथा परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर रही है।

उधर, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) ने हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि हादसा तकनीकी खामी, सुरक्षा चूक या अन्य किसी वजह से हुआ।

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गौरतलब है कि 12 नवंबर 2023 को भी सिलक्यारा टनल में बड़ा भूस्खलन हुआ था, जिसमें सुरंग का एक हिस्सा ढहने से 41 श्रमिक अंदर फंस गए थे। भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण और ऐतिहासिक रेस्क्यू अभियानों में से एक के जरिए सभी श्रमिकों को 17 दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया था। उस घटना ने पूरे देश का ध्यान इस परियोजना की ओर खींचा था।

ताजा हादसे के बाद स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की निष्पक्ष समीक्षा, दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब सभी की निगाहें NHIDCL की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस दर्दनाक हादसे की असली वजह सामने आ सके।

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