समाचार सच, नैनीताल। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में पर्यावरणविद् एवं पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. आशुतोष पंत लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने नैनीताल जनपद के दूरस्थ पतलोट क्षेत्र के डालकन्या, देवनगर, छीड़ाखान एवं स्यूड़ा गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों को फलदार पौधे भेंट किए तथा अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
इस दौरान डॉ. पंत ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पूरी मानव सभ्यता के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल भी करे। उन्होंने कहा कि फलदार पौधे न केवल पर्यावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि ग्रामीणों की आजीविका और पोषण का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए डॉ. आशुतोष पंत ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक और पॉलीथीन के दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने बताया कि पॉलीथीन मिट्टी की उर्वरता को नष्ट करती है, जल स्रोतों को प्रदूषित करती है तथा पशुओं और वन्यजीवों के लिए भी गंभीर खतरा बनती है। उन्होंने लोगों से कपड़े या जूट के थैलों का उपयोग करने और प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने में सहयोग देने की अपील की।
डॉ. पंत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि आज प्रकृति की रक्षा नहीं की गई तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों ने भी पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण अभियान में सक्रिय सहयोग का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम को सफल बनाने में चंदन पनेरू, राजेश पनेरू एवं ग्राम प्रधान श्रीमती रेखा का विशेष सहयोग रहा। डॉ. आशुतोष पंत ने सभी सहयोगियों एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता अभियानों को निरंतर जारी रखने की बात कही।

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