समाचार सच | रामनगर, रिपोर्ट-नीरू भल्ला।
दूसरों की जान बचाने निकला एक सर्पमित्र खुद मौत के मुंह तक पहुंच गया, लेकिन आखिरी पल तक उसने अपना मिशन नहीं छोड़ा। रामनगर में जहरीले कोबरा के रेस्क्यू के दौरान सर्पमित्र अरुण कुमार को कोबरा ने डस लिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि दर्द और खतरे के बावजूद उन्होंने पहले कोबरा को सुरक्षित डिब्बे में बंद किया और उसके बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे।
जानकारी के अनुसार, मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद निवासी अरुण कुमार पिछले चार-पांच वर्षों से रामनगर के बेड़ाझाल क्षेत्र में रह रहे हैं। वह पेशे से टाइल्स मिस्त्री हैं, लेकिन वन्यजीव संरक्षण और जीव-दया की भावना से वर्षों से क्षेत्र में निकलने वाले सांपों का निशुल्क रेस्क्यू करते आ रहे हैं।
बताया गया कि गुरुवार सुबह उन्हें एक घर में जहरीले कोबरा के निकलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू शुरू किया। इसी दौरान अचानक कोबरा ने पलटकर हमला कर दिया और उन्हें डस लिया।
कोबरा के काटने के बावजूद अरुण ने घबराहट नहीं दिखाई। उन्होंने पहले सांप को सुरक्षित तरीके से कंटेनर में बंद किया ताकि किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे। इसके बाद वह स्वयं उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अरुण अब तक दर्जनों जहरीले और अजगर सहित कई सांपों का सफल रेस्क्यू कर उन्हें जंगल में छोड़ चुके हैं। उनकी इस सेवा से जहां लोगों की जान बचती है, वहीं वन्यजीवों का संरक्षण भी होता है।
इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि जहरीले सांपों का रेस्क्यू बेहद जोखिम भरा कार्य है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में बिना प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरणों के किसी भी व्यक्ति को सांप पकड़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए तथा तुरंत अधिकृत रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना देनी चाहिए।

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