समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। निर्धनों का आहार माना जाने वाला केला वास्तव में बुद्धिमान एवं विवेकी व्यक्तियों का प्रिय आहार है। केले की महत्ता इसकी वर्ष प्रर्यन्त उपलब्धता एवं सस्ते मूल्यों पर उपलब्धता से भी अधिकाधिक विख्यात है। आइए हम सब इसके आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक गुणों पर चर्चा करें। केले का संबंध विद्या एवं बुद्धि से है क्योंकि हमारे शास्त्रीय मतों के अनुसार विद्या बुद्धि के स्वामी भगवान बृहस्पति जी का वास केले पर होता है, इसलिए हिन्दू धर्मावलम्बियों के अनुसार केला वृक्षा की पूजा बृहस्पतिवार के दिन करने का विधान है। हिन्दू पूजा पाठ में भी केले और उसके पत्ते एवं वृक्ष को भी अति पावन स्थान प्राप्त है।
यदि हम केले के वैज्ञानिक गुणों की ओर दृष्टिपात करते हैं तो हम देखते हैं कि केले न सिर्फ पौष्टिक होते है बल्कि उनमें पेट भी भरता है। उनमें कार्बोहाइड्रेट भरपूर होता है जो ऊर्जा का मुख्य स्रोत हेाता है। एक केले में 27 ग्राम कार्बोहाइड्रेट व प्रोटीन पाया जाता है जिनमें 116 कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है। इसमें वसा की मात्रा न के बराबर और नमी 70 फीसदी होती है। खनिज भी 8 ग्राम और आयरन, कैल्शियम व फास्फोरस की उचित में पाया जाता है। पके केले की अपेक्षा कच्चे केले में आयरन व फाइबर (रेशों) की मात्रा ज्यादा होती है।
मैग्नीशियम, सोडियम, पोटेशियम, कापर व मैगनीज जैसे खनिज भी अल्प मात्रा में पाये जाते है। मांसपेशियों के कुशल संचालन के लिए जरूरी पोटेशियम भ्ज्ञी केले में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। केले के फल के 100 ग्राम दलदार भाग में 88 मिग्रा पोटेशियम की मात्रा ही रक्तचाप औषधियों की तासीर हेतु पर्याप्त है। अतः उच्च रक्तचाप पीड़ितों के लिए केले का सेवन अति लाभ्ज्ञकारी है। अन्य सीज्ञी सरस फलों की तुलना में केले में पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है। तमाम अन्य फलों की तरह केले में पेक्टिन व फाइबर होता है जो भरपूर भोजन प्रदान करते हैं और ‘कब्ज’ से निजात दिलाते है। केला कब्ज केा दूर करने के लिए अति गुणकारी फल है। पेक्टिन पेट बांधता है अतः दस्त लगने पर केला अति फायदेमंद है। खूनी दस्त में केला अति लाभकारी फल है।
केला स्वाद के कद्रदानों के लिए भी एक अनुपम भेंट है। मिल्क शेक बनाना, स्पिल्ट आइसक्रीम बनाना, दही में शहद या शक्कर मिलाकर केले का टुकड़ा डालकर श्रेष्ठ नाश्ता तैयार करना एक आम बात हो गयी है। झटपट नाश्ते के लिए दूध केले या अंकुरित साबुत अनाज से बेहतर विकल्प नहीं।
कच्चे केले की चिप्स, पकौड़ी या सब्जी अति जायकेदार होती है। कच्चा केला एक अच्छी सब्जी के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। कच्चा या पका केला खाने वाले सचमुच में प्रखर बुद्धि के स्वामी होते है क्योंकि चिकित्साशास्त्रियों का मानना है कि बुद्धि के विकास में केला, चावल व मछली अति महत्वपूर्ण होते है। केला शाकाहारी व मांसाहारी दोनों ही वर्गों के लिए ग्राहय एवं प्रिय फल है। निस्संदेह केला विद्यार्थियों एवं प्रतिभावान लोगों के लिए उपकारी फल है।

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