नीती घाटी में जलसैलाब का कहर! तमक नाला उफना, बैली ब्रिज बहा, ट्रक-वाहनों के साथ BRO कर्मचारी के बहने की आशंका

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चमोली के सीमांत क्षेत्र में भारी बारिश ने मचाई तबाही, अचानक बढ़े नाले के पानी से मचा हड़कंप; लापता कर्मचारी की तलाश में रेस्क्यू अभियान शुरू

समाचार सच, चमोली। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मानसून का कहर लगातार जारी है। भारत-चीन सीमा से सटी चमोली जिले की संवेदनशील नीती घाटी में भारी बारिश के बाद तमक नाले ने अचानक विकराल रूप धारण कर लिया। तेज जलप्रवाह और मलबे की चपेट में आने से नाले पर बना बैली ब्रिज बह गया। इस दौरान एक ट्रक और अन्य वाहनों के बहने की भी सूचना है।

हादसे के बाद सीमा क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है। वहीं, सीमा सड़क संगठन (BRO) के एक कर्मचारी के भी तेज बहाव में बहने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तमक क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण नाले का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया। देखते ही देखते पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि नाले पर बना बैली ब्रिज भी इसकी चपेट में आ गया।

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पानी के साथ आए मलबे और तेज बहाव ने आसपास खड़े वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। पुल के बह जाने से सीमांत क्षेत्र की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।

ज्योतिर्मठ के उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ के अनुसार BRO के मेजर से बातचीत में एक ऑपरेटर के लापता होने की जानकारी मिली है।
बताया गया कि ऑपरेटर मशीन पर काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक नाले का पानी बढ़ा और उसका संपर्क टूट गया। फिलहाल उसके तेज बहाव में बहने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि उसकी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि सर्च अभियान के बाद ही हो सकेगी।

चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार के अनुसार प्रारंभिक सूचना में एक पुल, एक गाड़ी, एक ट्रक और हवलदार रैंक के एक कर्मचारी के बहने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन अन्य कर्मचारियों की स्थिति की भी जानकारी जुटा रहा है। घटना के बाद प्रशासनिक टीमें घटनास्थल की ओर रवाना की गई हैं।

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सीमांत नीती घाटी में सड़क संपर्क प्रभावित होने के कारण राहत और बचाव दलों के सामने चुनौती बढ़ गई है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की टीमें लापता कर्मचारी की तलाश के साथ-साथ नुकसान का आकलन करेंगी। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लापता कर्मचारी की तलाश और प्रभावित क्षेत्र में राहत पहुंचाना है।

लगातार बारिश और अचानक बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी और नालों के आसपास न जाने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बीच सीमांत क्षेत्र में हुई इस घटना ने पहाड़ों में मानसून के खतरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है। फिलहाल रेस्क्यू टीमों के घटनास्थल पर पहुंचने और सर्च अभियान के बाद ही नुकसान की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।

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