समाचार सच।
नेपाल और तिब्बत में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में गांवों के बह जाने और बड़े पैमाने पर विनाश के बाद मृतकों का आंकड़ा 586 तक पहुंच गया है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक लापता लोगों में सैकड़ों विदेशी नागरिक और करीब 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। लापता लोगों की तलाश के लिए हजारों सुरक्षाकर्मियों को मैदान में उतारा गया है। नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के मुताबिक रेस्क्यू ऑपरेशन में 15,431 सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं। इनमें नेपाल आर्मी, नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवान शामिल हैं।
4,451 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
रेस्क्यू टीमों ने अब तक 4,451 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इनमें हाइड्रोपावर टनल से निकाले गए 191 लोग और हवाई मार्ग से रेस्क्यू किए गए 517 लोग शामिल हैं। बचाए गए लोगों में 129 विदेशी नागरिक भी बताए गए हैं।
बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई जगह सड़कें, पुल और बुनियादी ढांचा पूरी तरह तबाह हो गया है। जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले सैकड़ों कर्मचारियों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।
भारत ने भेजी राहत की तीसरी खेप
नेपाल की मुश्किल घड़ी में भारत लगातार मदद पहुंचा रहा है। भारत ने शुक्रवार को नेपाल के लिए 10 टन राहत सामग्री की तीसरी खेप भेजी। इसमें पोर्टेबल जनरेटर, डिग्निटी किट, खाद्य सामग्री और पानी साफ करने वाली गोलियां शामिल हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि राहत सामग्री के साथ डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए रेकी टीम सहित 11 सदस्यीय दल भी नेपाल भेजा गया है। इससे पहले भारत 10 टन की पहली खेप और गुरुवार को 37.5 टन राहत सामग्री की दूसरी खेप भेज चुका है।
महाराष्ट्र, असम और बंगाल के लोग भी लापता
नेपाल की त्रासदी में कई भारतीय राज्यों के लोगों के फंसे होने की खबर है। महाराष्ट्र के करीब 290 लोगों के नेपाल में फंसे होने की जानकारी सामने आई है, हालांकि उनके सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। वहीं महाराष्ट्र के करीब 60 पर्यटकों से संपर्क नहीं हो पाया है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि नेपाल में बाढ़ के बाद राज्य के 12 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों की टीम उनके संपर्क और लोकेशन का पता लगाने में जुटी है।
वहीं पश्चिम बंगाल के 37 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। राज्य सरकार ने उनकी तलाश और सुरक्षित वापसी के लिए काठमांडू में विशेष टीम भेजने का फैसला किया है। हालांकि राहत की बात यह है कि लापता बताए जा रहे लोगों में से पोद्दार परिवार के दो सदस्यों का पता चल गया है। दोनों बीरगंज के पास सुरक्षित बताए गए हैं।
नेपाल में बाढ़ के बाद हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। मलबे, कीचड़ और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण रेस्क्यू टीमों को कई इलाकों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद हजारों सुरक्षाकर्मी और राहतकर्मी लगातार लोगों की तलाश और बचाव अभियान में जुटे हुए हैं।

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