विश्व रैंकिंग में भारत का परचम लहराने वाली ताइक्वांडो स्टार ने जीते अंतरराष्ट्रीय पदक, अब राज्य सरकार करेगी सम्मानित
समाचार सच, नैनीताल।
उत्तराखंड की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। इसी कड़ी में नैनीताल की होनहार बेटी और अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी लतिका भंडारी को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए चुना गया है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच खेल की दुनिया में कदम रखने वाली लतिका ने अपनी मेहनत, अनुशासन और जज्बे के दम पर देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है।
मल्लीताल निवासी और वर्तमान में भीमताल में रहने वाली लतिका भंडारी आज देश की उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने ताइक्वांडो में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां अपने नाम की हैं। खेल कोटे से वर्तमान में मुंबई स्थित आयकर विभाग में कार्यरत लतिका भारतीय जूनियर एवं अंडर-21 टीम की कोच के रूप में भी नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए तैयार कर रही हैं।
लतिका की इस उपलब्धि से पूरे नैनीताल जिले में खुशी की लहर है। उनके परिवार, खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने इसे उत्तराखंड की बेटियों के लिए गर्व का क्षण बताया है। उनकी माता नीमा भंडारी गृहिणी हैं, जबकि पिता महेंद्र सिंह असम राइफल्स से सेवानिवृत्त हैं। परिवार का कहना है कि लतिका ने हमेशा कठिनाइयों को अपनी ताकत बनाया और कभी हार नहीं मानी।
साल 2007 में नैनीताल से ताइक्वांडो की शुरुआत करने वाली लतिका ने अपने पहले राष्ट्रीय पदक के बाद सफलता का ऐसा सफर शुरू किया, जो आज भी जारी है। लगातार एक दशक से अधिक समय तक राष्ट्रीय स्तर पर नंबर-1 खिलाड़ी रहने का रिकॉर्ड उनके नाम है। वह विश्व रैंकिंग के अंडर-19 वर्ग में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला ताइक्वांडो खिलाड़ी भी बनीं।
लतिका ने एशियन चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप, साउथ एशियन गेम्स, प्रेसिडेंट्स कप और कई अंतरराष्ट्रीय ओपन प्रतियोगिताओं में भारत के लिए स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। उन्होंने 2016 और 2019 के साउथ एशियन गेम्स में दो स्वर्ण पदक, कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में स्वर्ण और रजत, एशियन चैंपियनशिप में कांस्य तथा प्रेसिडेंट्स कप में ऐतिहासिक रजत पदक जीतकर भारतीय ताइक्वांडो इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया।
खिलाड़ी के साथ-साथ लतिका ने छह वर्षों तक भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और एमपी अकादमी में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया। वर्तमान में वह भारतीय टीम की कोच के रूप में युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनका कहना है कि “मेरे लिए खेल सिर्फ पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि देश और समाज की सेवा का सबसे बड़ा अवसर है।”
खेल जगत में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें विक्रम अवॉर्ड, स्पोर्ट्स टाइम्स अवॉर्ड, BRICS ट्रेलब्लेजर अवॉर्ड-2025 सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है। इसके अलावा उनका नाम भारत की 100 प्रेरणादायक महिलाओं की सूची और फिजिकल एजुकेशन की ‘लीजेंड कॉर्नर’ पुस्तक में भी दर्ज है।
अब वीरांगना तीलू रौतेली के नाम पर मिलने वाला उत्तराखंड का प्रतिष्ठित सम्मान लतिका भंडारी के संघर्ष, समर्पण और उपलब्धियों को नई पहचान देगा। उनकी सफलता आज उत्तराखंड की हजारों बेटियों के लिए यह संदेश है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत के सामने कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

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