समाचार सच, हल्द्वानी। कोरोना महामारी के चलते लोक कलाकार व कमर्शियल वाहन चालकों व परिचालकों को प्रदेश भाजपा सरकार द्वारा आर्थिक मदद के नाम पर मात्र 1 हजार रूपये की धनराशि देना उनके जख्मों पर मलहम लगाने के स्थान पर नमक लगाने जैसा कार्य लग रहा है उक्त विचार कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी ने जारी प्रेस नोट में कही।
उनका कहना था कि वर्तमान महंगाई के दौर में किसी भी पारिवार/व्यक्ति के लिए 1 हजार रूपए में घरेलू खर्चा चलाना बिल्कुल असंभव है। प्रदेश सरकार विधायकों, सरकारी कर्मचारियों व सामाजिक के विभिन्न वर्गों से कोरोना महामारी के नाम पर वेतन एवं भत्तों से कटौती करके जो उगाही कर रही है उस धन से लोक कलाकार व कमर्शियल वाहन चालक – परिचालकों को मात्र आर्थिक मदद के नाम पर 1 हजार रूपये देना अत्यन्त हास्यस्पद लगता है तथा ऊंट के मुंह में जीरे के सामान प्रतीत होता है विगत लगभग 3 माह से कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के कारण परिवहन सेक्टर के लोग तथा प्रदेश के लोक कलाकारों की आमदनी पूर्ण रूप से ठप है ऐसे में उन्हें मात्र एक हजार रूपया देना उनके साथ भद्दा मजाक करने के सामान है। उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार लोक कलाकार व चालकों – परिचालकों को 10 से 15 हजार जब तक आजीविका न होने की स्थिति होने पर आर्थिक मदद के तौर पर देने की आवश्यकता है जिससे इन्हें कुछ राहत मिल सके। क्योंकि महंगाई चरम सीमा पर है ऐसे में एक हजार रूपये किसी भी व्यक्ति का परिवार चलाने के लिए उपयुक्त नहीं हो सकते। अच्छा होता है कि सरकार एक हजार रूपये के स्थान पर 7500 रूपया प्रतिमाह कर देती जिसकी मांग कांग्रेस पार्टी पूर्व में निरन्तर करती आ रही है परन्तु भाजपा सरकार जन सरोकार के मुद्दे से दूर अपने राजनैतिक कार्यक्रम (वर्चुअल रैली) में अधिक व्यस्त लग रही है।

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