समाचार सच, हल्द्वानी। नगर निगम हल्द्वानी भ्रष्टाचार का गढ़ बन रहा है। यहां जीरो टोल रेंस के बजाय ट्रिपल इंजन का टोल रेंस शून्य हो गया है। जहां एक ओर आम जनता कोरोना से लड़ाई लड़ रही है, वहीं नगर निगम कोरोना के नाम पर भी घोटाले करने के मौके तलाशता रहा है। नगर निगम का काला चिट्ठा न्यायालय में खोला जाएगा। यह बात कांग्रेस के एआईसीसी सदस्य सुमित हृदयेश ने बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय स्वराज आश्रम में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कही। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में हल्द्वानी नगर निगम उत्तराखंड का नंबर वन निगम बन चुका है। कोरोना संक्रमणकाल में निगम में सेनिटाईजर, मास्क जैसी आवश्यकीय वस्तुओं में 35 लाख का घोटाला कर दिया गया। यह खुलासा आरटीआई के माध्यम से हुआ है। कांग्रेस एआईसीसी सदस्य ने बताया कि नगर निगम में कोरोना संक्रमणकाल में आवश्यकीय वस्तुओं की खरीद को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता गुरविन्दर सिंह चड्ढा ने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी। जिसका जवाब नगर निगम के सूचना अधिकारी द्वारा दिया गया है। जिसमें जनता की खून-पसीने की कमाई को पानी की तरह बहाना उजागर हुआ है। बताया कि मास्क, सैनिटाइजर, बॉडी प्रोटेक्शन किट, ग्लव्स 5 गुने से लेकर 10 गुना अधिक रकम में खरीदी गई है। यही नहीं 90 पैसे में मिलने वाला सर्जिकल मास्क 10 रूपये में खरीदा गया है। जो नगर निगम के भ्रष्टाचारों की पोल स्वयं ही खोलता है। उन्होंने कहा कि निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन जारी है। भ्रष्टाचार के इन मामलों को लेकर अब न्यायालय की शरण ली जाएगी और जांच की मांग उठाई जाएगी। सुमित ने निगम द्वारा वसूली जाने वाली तहबाजारी में भी गड़बड़झाले का आरोप लगाया है। कहा कि कोरोना संक्रमणकाल में तहबाजारी शुल्क माफ करने के बजाय, इसमें भी नया हथकंडा अपना लिया गया। अधिकांश फड़-रेहड़ी वालों से बिना पर्ची काटे ही तहबाजारी शुल्क वसूल ली गई है। इसे लेकर भी कांग्रेस आंदोलन शुरू करेगी। पत्रकार वार्ता में महानगर अध्यक्ष राहुल छिम्बाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष हेमंत बगड्वाल, गोविन्द बिष्ट, मुकुल बल्यूटिया, नरेंद्रजीत सिंह रोडू, सुहेल अहमद, जीवन सिंह कार्की मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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