उत्तराखंड में बारिश का रौद्र रूप! 20 सड़कें बंद, चीन सीमा का संपर्क टूटा… रातभर दहशत में जागते रहे परिवार

खबर शेयर करें

पिथौरागढ़ में आसमानी आफत से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सैकड़ों यात्री रास्तों में फंसे, स्कूलों की छुट्टी घोषित

समाचार सच, पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में मानसून ने शुक्रवार से पहले ऐसी तबाही मचाई कि पूरा जिला मानो थम सा गया। रातभर हुई मूसलाधार बारिश ने चीन सीमा को जोड़ने वाले अहम मार्गों सहित जिले की 20 से अधिक सड़कों पर मलबा और भूस्खलन कर दिया। कई स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ सड़क पर गिर गए, जिससे आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई और सैकड़ों यात्री बीच रास्ते में फंस गए।

सबसे गंभीर स्थिति धारचूला-तवाघाट मार्ग की रही, जो सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण प्रशासन ने राहत एवं सड़क खोलने का अभियान शुरू कर दिया है।

यह भी पढ़ें -   दर्दनाक हादसे के बाद बदला राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा… पहले शोक संतप्त परिवार से मिलेंगे, फिर छात्रों को करेंगे संबोधित

बारिश का सबसे ज्यादा असर थल क्षेत्र में देखने को मिला, जहां 199 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। तेजम, बंगापानी, डीडीहाट और धारचूला समेत कई इलाकों में भी भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए। लगातार बरसात के चलते पहाड़ दरकते रहे और कई जगहों पर सड़कें मलबे से पट गईं।

थल तहसील के नायल सपोली गांव में बारिश के दौरान हुए भूस्खलन ने एक परिवार की मुश्किलें बढ़ा दीं। नारायण राम के मकान की दीवार भरभराकर गिर गई, जिससे गौशाला में बंधे मवेशी मलबे में दब गए। अंधेरी रात और तेज बारिश के बीच परिवार के लोगों ने टॉर्च की रोशनी में पत्थर हटाकर किसी तरह घायल मवेशियों को बाहर निकाला। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।

यह भी पढ़ें -   रुद्रप्रयाग की खाई बनी काल! कुछ ही पलों में मौत की गहराई में समाया डंपर, दो परिवारों की बुझ गई जिंदगी

भूस्खलन के कारण धारचूला-तवाघाट, थल-मुनस्यारी, थल-डीडीहाट, उडियारीबैंड-थल, थल-पांखू, डीडीहाट-दूनाकोट, तवाघाट-ठानीधार, होकरा-नामिक, सोबला-उमचिया समेत कुल 20 मोटर मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और यात्रियों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

प्रशासन अलर्ट, स्कूलों में अवकाश
मौसम की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से सड़कों से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जहां नुकसान की सूचना मिली है वहां राजस्व विभाग की टीमें भेजकर क्षति का आकलन किया जा रहा है।

बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।

Ad AdAd Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440