समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। सावन मास में एकादशी का दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ भोलेनाथ की आराधना के लिए भी विशेष माना जाता है। इस दिन शिवलिंग पर सही तरीके से पूजा करने से पाप और कष्ट दूर होते हैं। 9 अगस्त को यानी आज कामिका एकादशी है। अगर आप सुबह पूजा नहीं कर पाए हैं, तो शाम के प्रदोष काल में भी शिवजी को प्रसन्न करने के लिए कुछ विशेष उपाय कर सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
सावन एकादशी पर शिव पूजा का महत्व
सावन महीने में एकादशी का व्रत और पूजा दोनों ही शुभ फल देते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना के साथ शिवजी की आराधना करने से जीवन के हर संकट दूर होते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सावन एकादशी के दिन किया गया शिवलिंग का अभिषेक विशेष रूप से फलदायी होता है। जो भक्त इस दिन श्रद्धा से पूजा करते हैं, उनके घर में शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। कामिका एकादशी पर शिवजी की सही विधि से पूजा करने पर मनोकामनाएं पूरी होने की संभावना बढ़ जाती है।
जल और काले तिल से अभिषेक करें
सावन एकादशी के दिन शिवलिंग पर जल का अभिषेक बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। जल में थोड़े काले तिल मिलाकर अभिषेक करने से सारे पाप और कष्ट मिटने का विश्वास है। एक लोटा शुद्ध जल लेकर उसमें काले तिल मिलाएं और श्रद्धा से शिवलिंग पर चढ़ाएं। इस प्रक्रिया को शांत मन से करें। काले तिल शनि दोष को भी शांत करने में मददगार माने जाते हैं। अभिषेक के दौरान (ॐ नमः शिवाय) मंत्र का जाप करते रहें। इससे पूजा का प्रभाव और बढ़ जाता है। सुबह या शाम दोनों समय यह उपाय किया जा सकता है।
शिवजी को प्रिय वस्तुएं अर्पित करें
भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग और शमी के पत्ते अत्यंत प्रिय हैं। सावन एकादशी पर इन वस्तुओं को श्रद्धापूर्वक चढ़ाएं। शमी पत्र विशेष रूप से इस दिन अर्पित करने का विधान है। बेलपत्र को साफ पानी से धोकर शिवलिंग पर रखें। धतूरा और भांग भी भक्ति भाव से चढ़ा सकते हैं। इन वस्तुओं को चढ़ाने से शिवजी जल्दी प्रसन्न होते हैं। पूजा में दिखावे की बजाय सच्ची श्रद्धा रखें। घर पर या मंदिर में जाकर इन प्रिय वस्तुओं को अर्पित करने से मानसिक शांति मिलती है।
शहद और मंत्र जाप का विशेष महत्व
किसी फूल या बेलपत्र पर एक बूंद शहद लगाकर शिवजी को अर्पित करें। शहद मिठास और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही मंदिर या घर पर शांत मन से (ॐ नमः शिवाय) या (ॐ नमो भगवते रुद्राय) मंत्र का जाप करें। महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी इस दिन बहुत फलदायी होता है। जितना हो सके उतना जाप करें। मंत्र जाप से मन शुद्ध होता है और शिवजी की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है। जाप करते समय एकाग्रता बनाए रखें, ताकि पूजा का पूरा फल मिले।
प्रदोष काल में दीपदान करें
कामिका एकादशी की शाम प्रदोष काल में यह उपाय जरूर करें। शिव मंदिर में या बेलपत्र के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाएं। दीपदान से घर और जीवन में अंधकार दूर होता है। प्रदोष काल में की गई पूजा विशेष रूप से शुभ मानी जाती है। दीपक जलाते समय शिवजी से अपनी मनोकामना जरूर बताएं।
सावन एकादशी पर इन आसान उपायों को श्रद्धा से करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्त के जीवन से संकट दूर होते हैं। नियमित भक्ति ही सबसे बड़ा साधन है।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



