पिथौरागढ़ में कांग्रेस के मंच पर फूटा अंदरूनी विवाद! भाषण से भड़के विधायक मयूख महर, समर्थकों संग बीच सम्मेलन से निकले बाहर

खबर शेयर करें

समाचार सच, पिथौरागढ़। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस के ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ के दौरान पिथौरागढ़ में उस समय राजनीतिक हलचल मच गई, जब पार्टी के विधायक मयूख महर मंच पर ही नाराज होकर समर्थकों के साथ कार्यक्रम छोड़कर बाहर निकल गए। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया।

सम्मेलन में विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष भावना नगरकोटी ने अपने संबोधन के दौरान नगर निकाय चुनाव और पार्टी लाइन से अलग गतिविधियों का जिक्र करते हुए परोक्ष रूप से विधायक मयूख महर पर निशाना साधा। उनके बयान से माहौल अचानक गर्मा गया और मंच पर मौजूद विधायक ने नाराजगी जताते हुए कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया।

स्थिति को संभालने के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल अपनी सीट से उठकर आगे आए, लेकिन तब तक मयूख महर समर्थकों के साथ सभागार से बाहर निकल चुके थे। विधायक के बाहर जाते ही उनके समर्थक भी कार्यक्रम से निकलने लगे। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने ‘मयूख महर मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए, जिससे सम्मेलन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

यह भी पढ़ें -   35 हजार पौधों का लक्ष्य लेकर चल रहा हरित अभियान, बच्चों से लेकर ग्रामीणों तक बांटे जा रहे फलदार पौधे: डॉ. आशुतोष पंत

सभागार से बाहर आने के बाद विधायक मयूख महर ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और आगामी चुनाव की रणनीति तैयार करना था, लेकिन कुछ लोगों ने व्यक्तिगत राजनीतिक टिप्पणियों के जरिए माहौल खराब करने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंच का इस्तेमाल संगठनात्मक चर्चा के बजाय व्यक्तिगत निशाना साधने के लिए किया गया, जिसके कारण उन्हें कार्यक्रम का बहिष्कार करना पड़ा।

वहीं, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पूरे घटनाक्रम को ज्यादा तूल न देते हुए कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बड़ी सभाओं में कभी-कभी कुछ अप्रत्याशित घटनाएं हो जाती हैं और वह स्वयं विधायक मयूख महर से बातचीत कर मामले को सुलझाएंगे। बाद में मंच से संबोधन के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि कुछ “गाइडेड और इन-गाइडेड मिसाइलों” की वजह से सम्मेलन का माहौल प्रभावित हुआ।

यह भी पढ़ें -   नैनीताल मॉल रोड पर 1 अगस्त से हॉर्न बजाया तो होगी कार्रवाई! जिला प्रशासन ने लागू किया नो हॉर्न जोन

पुराना विवाद फिर आया सामने
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस विवाद की जड़ पिछले वर्ष हुए पिथौरागढ़ नगर निगम चुनाव से जुड़ी है। उस चुनाव में टिकट वितरण को लेकर पार्टी दो खेमों में बंट गई थी। विधायक मयूख महर अपनी समर्थित प्रत्याशी मोनिका महर को टिकट दिलाना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने अंजू लुंठी को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद मोनिका महर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरीं और विधायक खुलकर उनके समर्थन में आ गए।

इस गुटबाजी का फायदा भाजपा को मिला और भाजपा प्रत्याशी कल्पना देवलाल महज 17 वोटों के अंतर से चुनाव जीतने में सफल रहीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उसी खींचतान की झलक अब कांग्रेस के परिवर्तन संकल्प सम्मेलन में भी देखने को मिली है।

प्रदेशभर में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत कांग्रेस परिवर्तन संकल्प सम्मेलन आयोजित कर रही है, लेकिन पिथौरागढ़ की यह घटना विपक्ष को पार्टी की अंदरूनी एकजुटता पर सवाल उठाने का अवसर दे सकती है।

ADVERTISEMENTSAd

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440