समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। रक्षाबंधन पर राखी केवल प्रेम और आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि इसे एक रक्षा-सूत्र की तरह बांधा जाता है ऐसे में इसके टूट जाने को लेकर कई तरह की धार्मिक और लोकमान्यताएं प्रचलित हैं। कुछ लोग इसे अशुभ संकेत मानकर चिंतित हो जाते हैं, जबकि कुछ परंपराओं में इसे बिल्कुल सामान्य माना जाता है। इसी तरह रक्षाबंधन बीत जाने के बाद पुरानी राखी को कब और कैसे उतारें, इसे लेकर भी अलग-अलग मान्यताएं हैं। तो, चलिए जानते हैं कि ऐसी स्थिति के बारे में जानकारों के द्वारा क्या सलाह दी जाती है…
क्या राखी टूट जाना अशुभ है?
राखी को भाई की रक्षा और बहन की शुभकामना का प्रतीक माना जाता है। इसलिए कुछ लोग राखी के अचानक टूटने को चिंता की नजर से देखते हैं। रक्षा बंधन पर राखी भले ही एक रक्षा सूत्र की तरह बांधा जाता है, लेकिन यदि यह टूट जाए तो इसे अशुभ नहीं माना जा सकता। राखी की बनावट या सजावट ऐसी हो सकती है कि धागा कमजोर होने, कपड़े में अटकने या रोजमर्रा के काम के दौरान राखी टूट सकती है। रक्षाबंधन का त्यौहार मुख्य रूप से भावनाओं और संकल्प पर फोकस करता है, जिसमें बहन का आशीर्वाद और संकल्प ही असली शक्ति है। धागा टूटने से आशीर्वाद समाप्त नहीं होता। असल में, कुछ जगहों पर तो कई लोग राखी का धागा टूटना अशुभ नहीं मानते, बल्कि वे मानते हैं कि राखी टूटना नकारात्मक ऊर्जा के नाश का प्रतीक है। कहीं-कहीं यह भी माना जाता है कि राखी टूटने का अर्थ किसी संकट या नकारात्मक प्रभाव का टल जाना है। हाँ, अगर राखी बांधने के कुछ समय बाद ही टूट जाए, तो आप भाई की कलाई पर दूसरी राखी या रक्षा सूत्र बाँध सकते हैं। दोबारा राखी बांधते समय भगवान का स्मरण करके भाई के स्वास्थ्य, सुख और सुरक्षा की प्रार्थना करना पर्याप्त है।
यदि राखी टूट गई है, तो उसे कूड़े में ना फेकें, खासकर अगर उसमें भगवान की तस्वीर, धार्मिक प्रतीक, मौली या पूजा सामग्री लगी हो। ऐसी राखी को बाद में किसी स्वच्छ स्थान पर रखने या स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार सम्मानपूर्वक विसर्जित कर देना चाहिए। इसके अलावा पुरानी राखी को किसी शिवलिंग, गणेशजी या तुलसी के पौधे पर अर्पित करना शुभ है। कई लोग पुरानी राखी तुलसी या पीपल के वृक्ष पर बांध देते हैं। इससे न केवल रक्षा सूत्र का सम्मान होता है, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। यदि राखी में कागज, प्लास्टिक, धातु या अन्य सामग्री लगी हो तो उसे नदी या तालाब में प्रवाहित करना उचित नहीं है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली वस्तुओं का जल में विसर्जन करने से बचना चाहिए। कुछ परिवार पुरानी राखी को श्रद्धा से संभालकर रखते हैं क्योंकि वह भाई-बहन के रिश्ते और उस दिन की शुभकामना की याद दिलाती है।

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