जानिए 13 अप्रैल, 1919 का काला दिन….

खबर शेयर करें

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की दर्दनाक घटनाओं में से एक जलियांवाला बाग हत्याकांड के आज 100 साल हो गए. ब्रिटिश सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस नरसंहार में 379 लोग मारे गए थे जबकि 1200 से अधिक लोग घायल हुए थे.

नई दिल्ली: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की दर्दनाक घटनाओं में से एक जलियांवाला बाग हत्याकांड के आज 100 साल हो गए. इस अवसर पर संपूर्ण राष्ट्र जलियांवाला बाग नरसंहार में शहीद हुए देश के वीर जांबाजों को याद कर रहा है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्र के अमर सिपाहियों को नमन किया. आज के दिन हम आपको बता रहे हैं कि आखिर जलियांवाला बाग में बैसाखी के दिन 13 अप्रैल, 1919 को क्या हुआ था कि ये दुनिया के इतिहास में सबसे जघन्यतम नरसंहार कांड बन गया.

दरअसल, इस दिन आजाद भारत का सपना देखने वाले हजारों लोग अमृतसर के जलियांवाला बाग में एक बैठक करने को इकट्ठे हुए थे. इस बात की भनक फिरंगी शासकों को लग गई और उन्होंने भारतीय लोगों को सबक सिखाने की सोची. इसके बाद जनरल डायर के नेतृत्व में सैकड़ों अंग्रेज सिपाहियों ने इस पार्क को चारों ओर से घेर लिया. इस पार्क से बाहर निकलने के लिए एक संकरा सा रास्ता था इसे भी अंग्रेज सिपाहियों ने बंद कर दिया था.

बैठक में मौजूद भारतीय लोग जबतक कुछ समझ पाते उससे पहले ही जनरल डायर ने आवाज लगाई फायर और फिर निर्दोष, निहत्थे भारतीय लोगों पर गोलियों की बरसात कर दी गई. गोलियों की बौछार से पार्क में अफरातफरी मच गई. लोग जान बचाने के लिए हर तरफ भागने लगे. इसी सिलसिले में सैकड़ों लोग कुंए में कूद गए. कुंए में कूदने से उनकी जान तो नहीं बची, लेकिन वो फिरंगियों की गोली से शहीद नहीं हुए. इस नरसंहार में ब्रिटिश सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक 379 लोग मारे गए थे जबकि 1200 से अधिक लोग घायल हुए थे.

यह भी पढ़ें -   शुद्धिकरण विवाद पर यूथ कांग्रेस का हल्लाबोल! रुद्रपुर कलेक्ट्रेट घेरा, सुरभि द्विवेदी ने सरकार से पूछा- कार्रवाई कब?

इस घटना की देश सहित पूरी दुनिया में आलोचना हुई. दुनिया के सामने ब्रिटिश सरकार का काला चेहरा बेनकाब हुआ. घटना के बाद रवीन्द्रनाथ टैगोर ने अपनी ‘नाइटहुड’ की उपाधि ब्रिटिश सरकार को वापस कर दी. बाद में इस घटना का बदला भी एक भारतीय ने लिया. उधम सिंह नाम के एक वीर भारतीय ने लंदन में जाकर इस नरसंहार के आरोपी जनरल डायर की हत्या गोली मारकर कर दी.

ADVERTISEMENTS
यह भी पढ़ें -   राहुल गांधी पर दर्ज FIR से भड़के सांसद चंद्रकांत हंडोरे! बोले—मुकदमा वापस नहीं हुआ तो राष्ट्रपति से मिलेंगे
Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440