ज्यादा मात्रा में पैरासिटामाल और पेनकिलर खाने से पहले जानें इनके नुकसान

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समाचार सच, हल्द्वानी। शरीर में दिखने वाले ऐसे लक्षण जो किसी बड़ी बीमारी का संकेत नहीं होते या फिर किसी भी तरह का छोटा-मोटा दर्द हो तो उन्हें दबाने के लिए अक्सर हम पेनकिलर खा लेते हैं। लेकिन इनके कितने नुकसान हैं क्या आप जानते हैं?
पेनकिलर के साइड इफेक्ट्स के बारे में जानें
जरा सा सिरदर्द हुआ तो गोली खा ली, बदन दर्द हुआ गोली खा ली, हल्का सा बुखार महसूस हुआ तो गोली खा ली। डॉक्टर को दिखाए बिना, अपने मन से या फिर केमिस्ट से पूछकर आप भी अक्सर दवाएं खाते होंगे ना! सिरदर्द, बुखार, बदन दर्द, उल्टी इन सबके लिए मार्केट में धड़ल्ले से पेनकिलर्स और ऐंटिबायॉटिक्स बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिक रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग इनका इस्तेमाल भी कर रहे हैं। शरीर में दिखने वाले ऐसे लक्षण जो किसी बड़ी बीमारी का संकेत नहीं होते या फिर किसी भी तरह का छोटा-मोटा दर्द हो तो उन्हें दबाने के लिए अक्सर हम पेनकिलर खा लेते हैं। लेकिन इनके कितने नुकसान हैं क्या आप जानते हैं?
अपने मन से दवा खाना हो सकता है खतरनाक
डॉक्टरों की मानें तो ज्यादातर लोग जिनमें पढ़े-लिखे लोगों की संख्या भी अच्छी खासी है वो दवा दुकानदार के पास जाते हैं उन्हें अपने सिम्पटम्स के बारे में बताते हैं कि उन्हें बदन दर्द हो रहा है या बुखार है, सर्दी-खांसी है, लूज मोशन हो रहा है और इन्हीं लक्षणों के आधार पर दवा दुकानदार उन्हें किसी तरह की कोई दवा बता देता है और मरीज उसका सेवन करके कई बार ठीक भी हो जाता है। लेकिन ऐसा करना बेहद खतरनाक हो सकता है क्योंकि गलत दवाइयां खाने या फिर दवा की गलत डोज लेने से कई तरह की गंभीर समस्याएं हो सकती हैं और कई बार ये जानलेवा भी साबित हो सकता है।
पैरासिटामाल से अल्सर का खतरा
पैरासिटामॉल दवा का इस्तेमाल आमतौर पर फीवर होने पर किया जाता है। लेकिन अगर डाक्टर से पूछे बिना और प्रिस्क्रिप्शन के बिना इस दवा का बहुत ज्यादा सेवन किया जाए तो इससे ऐसिडिटी और पेट में अल्सर होने का खतरा रहता है। स्थिति गंभीर होने पर खून की उल्टी भी हो सकती है।
क्या करें
बुखार है तो डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर बुखार होने की वजह का पता लगाएंगे और उसके बाद ही आपको कोई दवा देंगे। इसके अलावा अगर बुखार 100 डिग्री फैरनहाइट से ज्यादा हो तभी पैरासिटामाल खाएं और भी 6 से 8 घंटे के अंतर में। पैरासिटामॉल से होने वाली ऐसिडिटी को कम करने के लिए अक्सर डाक्टर्स साथ में ऐंटासिड भी प्रिस्क्राइब करते हैं।
आइब्रूप्रोफेन से हाई बीपी की समस्या
इब्रूप्रोफेन और पैरासिटामॉल को मिलाकर जो सबसे कामन पेनकिलर बनती है वो है काम्बिफ्लेम और यह सबसे कामन पेनकिलर है जिसका इस्तेमाल ज्यादातर लोग करते हैं। लेकिन इस दवा का भी बहुत ज्यादा सेवन करने से लंग्स की प्रॉब्लम हो सकती है और अस्थमा भी हो सकता है। इसके अलावा हाई बीपी, प्रॉस्टेट से जुड़ी दिक्कतें और थाइरायड प्राब्लम भी हो सकती है।
कफ सीरप से विजनलास का खतरा
कफ सीरप में ऐंटिहिसटैमिन्स होते हैं जिससे छींक आना, खांसी और नाक बहने की दिक्कत दूर होती है। लेकिन अगर इनका ज्यादा सेवन किया जाए तो शरीर में सुस्ती आने लगती हैं, नींद आने लगती है और बहुत से ऐंटिहिस्टैमिन्स तो ऐसे भी होते हैं जिनसे नजरें कमजोर हो सकती हैं और विजनलास का भी खतरा रहता है। लिहाजा कामन कोल्ड और कफ होने पर कम से कम दवा लें और घरेलू नुस्खे जैसे- हाट सूप, स्टीम, विटमिन सी से भरपूर फ्रूट्स आदि का सेवन करें।
ऐंटिबायोटिक्स के साइड इफेक्ट्स से बचाते हैं प्रोबायोटिक्स
कब्ज या कान्स्टिपेशन की दिक्कत

ज्यादातर पेनकिलर्स का अगर ज्यादा सेवन किया जाए तो उनसे कब्ज की दिक्कत हो सकती है। ऐसे में अगर आपके डॉक्टर भी आपको स्ट्रान्ग पेनकिलर प्रिस्क्राइब कर रहे हैं तो वे साथ में ऐंटासिड या लैक्सेटिव भी देते हैं ताकि ऐसिडिटी या कब्ज की दिक्कत ना हो।
मुंह सूखना
पेनकिलर्स का ज्यादा यूज करने से अक्सर मुंह सूखने की भी दिक्कत हो सकती है। ऐसे में आप चाहें तो च्युइंगम चबा सकते हैं या फिर अगर मुंह सूखने की दिक्कत ज्यादा हो रही हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।
आपके किचन में ही मौजूद हैं ये नैचरल पेन-किलर
सिर दर्द हो या कमर दर्द या फिर पेट दर्द, हममें से ज्यादातर लोग दर्द कम करने के लिए बिना सोचे-समझे पेन-किलर ले लेते हैं। बिना डॉक्टर से जांचे-पूछे पेन किलर खा लेना खतरनाक हो सकता है। इन दवाओं में सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिसका विपरीत असर अंदरुनी अंगों पर पड़ता है लेकिन अगर आप चाहें तो बिना दवाओं के भी दर्द को कंट्रोल कर सकते हैं। हम सभी के किचन में ही कई ऐसी चीजें मौजूद हैं, जिनके इस्तेमाल से आप दर्द पर काबू कर सकते हैं। इसके अलावा इनका कोई साइड-इफेक्ट भी नहीं होता। हां, अगर दर्द बर्दाश्त के बाहर हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
आपके किचन में ही मौजूद हैं ये नैचरल पेन-किलर

  • नमक पानी में नमक डालकर नहाने से शरीर की थकान दूर हो जाती है। इसके अलावा नमक के पानी में पैर डालकर बैठने से पैरों का दर्द दूर हो जाता है और सूजन भी कम हो जाती है। यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद है।
    आपके किचन में ही मौजूद हैं ये नैचरल पेन-किलर
  • पुदीना
  • दांत दर्द, सिर दर्द में आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। यह पाचन से जुड़ी परेशानियों को भी दूर करने का काम करता है। इसके अलावा यह दिमाग को शांत भी करता है।
  • हल्दी
    हल्दी किसी औषधि से कम नहीं। यह जलन को शांत करने और संक्रमण से सुरक्षित रखने में मददगार है। अगर आपको जोड़ों के दर्द की शिकायत है या फिर मांस-पेशियों में खिंचाव है तो हल्दी का इस्तेमाल करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। यह सूजन को भी कम करने में सहायक है।
    आपके किचन में ही मौजूद हैं ये नैचरल पेन-किलर
  • लाल अंगूर
  • लाल अंगूर, ऐंटी-ऑक्सिडेंट का खजाना हैं। यह पीठ दर्द और जोड़ों के दर्द में राहत देने का काम करते हैं। इसके अलावा यह दिल की सेहत के लिए भी अच्छा है।
    आपके किचन में ही मौजूद हैं ये नैचरल पेन-किलर
  • अदरक
    ये मांसपेशियों के दर्द को कम करने में सहायक है। अगर आपको पेट दर्द, सीने में दर्द की शिकायत है तो आपके लिए अदरक फायदेमंद रहेगा। इसके अलावा पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से राहत के लिए भी आप इसका प्रयोग कर सकती हैं।
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  • कॉफी में कैफीन होता है। कैफीन दर्द को कम करने में सहायक है। यह मांस-पेशियों के दर्द और सिर दर्द में मुख्य रूप से फायदेमंद है।
    आपके किचन में ही मौजूद हैं ये नैचरल पेन-किलर
  • अजवायन अगर आपको पेट दर्द की शिकायत है या फिर ठंड लगने की वजह से आपके पेट में मरोड़ है तो अजवायन आपके लिए फायदेमंद रहेगी।
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