समाचार सच, हल्द्वानी। गलवां घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में घायल सेना के हवलदार बिशन सिंह शहीद हो गए हैं। शहीद ने इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। शहीद का पार्थिव शरीर घर पहुंचने पर परिवारजनों में कोहराम मच गया। रानीबाग चित्रशिला घाट में गमगीन माहौल में शहीद को अंतिम विदाई दी गई। मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में बंगापानी के रहने वाले 43 वर्षीय शहीद बिशन सिंह 17 कुमाऊं रेजीमेंट के जवान थे। गलवां घाटी में मई माह में चीनी सैनिकों के साथ हुई धक्का-मुक्की के दौरान बिशन सिंह घायल हो गए थे। बताया जाता है कि सात-आठ दिन तक एमएच लेह में उनका इलाज चला था। इसके बाद वह दोबारा ड्यूटी पर चले गए थे। दोबारा गलवां घाटी पहुंचने के बाद उनकी हालत फिर बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए चंडीगड़ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां 14 अगस्त को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शहीद बिशन सिंह का पार्थिव शरीर शनिवार देर रात करीब 1.30 बजे कमलुवागांजा स्थित उनके भाई जगत सिंह के आवास पर पहुंचा। पार्थिव शरीर देखकर परिवारजनों में कोहराम मच गया। रविवार की सुबह उनकी अंतिम यात्रा रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट के लिए रवाना हुई। चित्रशिला घाट में शहीद बिशन सिंह को सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई दी गई।बताया जाता है कि शहीद बिशन सिंह 31 अगस्त 2020 को सेवानिवृत्त होने वाले थे। वह अपने पीछे पत्नी सती देवी (40 वर्ष), पुत्र मनोज (19 वर्ष) और पुत्री मनीषा (16 वर्ष) को रोता-बिलखता छोड़ गए।






सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



