लोहड़ी 2024: लोहड़ी जलाते समय अग्नि में मूंगफली, पॉपकॉर्न और तिल डालते समय क्या बोलते हैं लोग

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। लोहड़ी एक प्रसिद्ध भारतीय त्योहार है जो पंजाब और हरियाणा में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. इसे साल के पहले महीने (जनवरी) में मनाने की परंपरा है, जिसमें लोग रात के समय बोनफायर (आग जलाकर) के चारों ओर बैठकर गाने गाते हैं और खासकर लोहड़ी के त्योहारी खाद्य बनाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि लोग लोहड़ी में मूंगफली, पॉपकॉर्न और तिल को आग में क्यों डालते हैं और इसका क्या महत्व है? इसका धार्मिक महत्व है। इतना ही नहीं ये सामग्री अग्नि में डालते समय फेरे भी लिए जाते हैं और कुछ बोला भी जाता है. कितने फेरे लोहड़ी के रात अग्नि के चारों ओर लेने चाहिए और उस समय आपको क्या बोलना चाहिए आइए जानते हैं।

मूंगफली, पॉपकॉर्न, और तिल को आग में क्यों डालते हैं?
मूंगफली

मूंगफली में ऊर्जा और पोषण होता है और इसे आग में डालकर इसके मिनरल्स और विटामिन्स को बढ़ावा दिया जाता है। यह त्योहार के माध्यम से जीवन में ऊर्जा की देन का प्रतीक है।

पॉपकॉर्न
पॉपकॉर्न को आग में डालने से यह फूल जाता है और इसे उत्साहभरा बनाता है. इससे लोगों के बीच में खुशी और सजीवता का माहौल बनता है.

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तिल
तिल में तात्कालिक लाभ के साथ-साथ दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ भी होता है। इसे आग में डालने से तिल के गुणों का संरक्षण होता है और इससे सेहतमंद रहने में मदद मिलती है।

लोहड़ी में कितने फेरे लेते हैं और क्या बोलते हैं?

चार फेरे
लोहड़ी के दौरान लोग चार फेरे लेते हैं, जो आग के चारों ओर होते हैं। इसका संकेत यह होता है कि जैसे ही यह त्योहार होता है, सभी चारों दिशाओं में सुख और समृद्धि होती है।

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फेरे के वक्त बोलते हैं हो हो हो!
जब लोहड़ी के फेरे लिए जाते हैं तब लोग मिलकर ‘हो हो हो’ बोलते हैं. जिससे सभी मिलकर आग में डाली गई चीज़ों के साथ सजीवता की प्राप्ति होती है और वे सभी संग खुशियों की ओर बढ़ते हैं। लेकिन इसे भी अलग-अलग जहग पर अलग-अलग बोलकर मनाया जाता है। तो आपके यहां अगर कुछ और बोलने की परंपरा है तो आप वही बोलते हुए अग्नि में ये सामग्री अर्पित कर सकते हैं. इस प्रकार, लोग लोहड़ी मनाते समय इन संकेतों और क्रियाओं के माध्यम से अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लेते हैं और खुशियों से भरा नया साल की शुरुआत करते हैं।

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