
समाचार सच, हल्द्वानी। क्रिसमस पर्व नगर के चर्चों में धूमधाम से मनाया गया। प्रभु यीशु के गीत भी गाए गए और सेंटा क्लॉज ने लोगों को उपहार बांटे। सभी चर्च रंग-बिरंगी झालरों से सजाए गए। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार शासन से जारी गाइड लाइन की वजह से चर्च में भीड़ भाड़ कम दिखी। घ्क्रिसमस पर्व पर सेन्ट्रल मैथोडिस्ट चर्च में भी प्रार्थना सभा हुई और लोगों ने मानवता के सेवक प्रभु ईसा मसीह को याद किया। चर्च के पादरी रॉयल फादर पाल ने प्रार्थना करा कर बाइबिल के उपदेश पढ़े। उन्होंने प्रभु यीशु को मानवता का उद्धारक व गुनाहगारों को क्षमा करने वाला सच्चा मसीहा बताया। बताया कि प्रभु यीशु ने पूरी दुनिया को प्रेम, दया, क्षमा व विश्व बंधुत्व की जो शिक्षा दी है, उस पर चलकर ही इंसानियत को अपनी सर्वश्रेष्ठ मंजिल मिल सकती है। उन्होंने लोगों से मानवता की सेवा करने के साथ ही ईसा मसीह के संदेश को लोगों के बीच ले जाने का आह्वान किया। इस दौरान विशेष केक का प्रसाद बांटा गया। कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्णतया पालन किया गया। लोग गले मिलने के बजाय दूर से ही एक-दूसरे को मैरी क्रिसमस कहकर बधाई देते दिखाई दिए।

सादगी मनाया गया क्रिसमस, प्रार्थना के बाद बंद हुए चर्च
देहरादून। करोनोकाल के बीच शुक्रवार को देहरादून में क्रिसमस का त्योहार सादगी से मनाया गया। इस मौक़े पर शहर के पांच चर्चों में क़रीब एक घंटे हुई प्रार्थना के बाद चर्चों को बंद कर दिया गया। इस दौरान सुरक्षा को ध्यान रखते हुए सभी लोग मास्क लगाए हुए नज़र आए। क्रिसमस पर्व के अवसर पर परेड ग्राउंड स्थित सेंट फ्रांसिस चर्च के बाहर सेंटा ने बच्चों को गुब्बारे बांटे। लोगों ने प्रभु यीशु को याद किया और कोरोना महामारी के खात्मे की प्रार्थना की। सभी चर्चों में ईसाई धर्म के लोगों ने प्रार्थना की। कॉन्वेंट रोड स्थित सेंट फ्रांसिस कैथोलिक चर्च में फादर फोस्टीन जॉन पिंटो ने कहा कि प्रभु यीशु ने मानव कल्याण में अपना बलिदान दिया। उन्होंने मनुष्य को सेवा एवं सत्य की राह पर चलना सिखाया। यीशु के बताए मार्ग पर चलकर जीवन को धन्य किया जा सकता है। कोरोनाकाल के चलते इस बार चर्चों में सीमित लोगों की मौजूदगी में प्रार्थना हुई। चर्चों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव प्रार्थना भी हुई, जिसमें लोगों ने घरों में रहकर हिस्सा लिया।
क्रिसमस पर चर्चों में प्रार्थना सभाएं हुई। हालांकि कोरोना के चलते इस बार उल्लास बीते वर्षों की तरह देखने को नहीं मिला। श्रद्धालुओं ने घर पर ही प्रार्थना कर प्रभु यीशु का गुणगान किया। वहीं, चर्चों में पादरियों ने सुबह विश्घ्व कल्याण के लिए प्रार्थना की। लोग भले ही कम संख्घ्या में चर्च पहुंच रहे हों, लेकिन चर्चों की सजावट में कोई कमी नहीं है। देर रात को रंग बिरंगी लाइटों और गुब्बारों से चर्चों को सजाया गया। वहीं, घरों पर व्यक्तियों ने एक दूजे को क्रिसमस की बधाई दी। सेंटा ड्रेस के लिए बाजार में लोग खरीदारी करते दिखे। बच्चों को सेंटा ड्रेस पहनाकर इंटरनेट मीडिया के माध्घ्यम से भी एक दूसरे को बधाई देने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। प्रभु यीशु के जन्मोत्सव पर शुक्रवार को देहरादून के सीएनआइ गर्ल्स इंटर कॉलेज स्थित मॉरिसन मेमोरियल चर्च में युवाओं ने गीत प्रस्तुत किया। इस दौरान कोरोनाकाल को लेकर शासन की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन किया गया। क्रिसमस पर्व के अवसर पर मॉरिसन मेमोरियल चर्च में पहुंचे श्रद्धालु सुबह प्रार्थना सभा में शामिल हुए और एकता, देश की सुख शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान चर्च के बाहर भी व्घ्यक्तियों ने कैंडल जलाकर शांति की कामना की। दून में क्रिसमस पर्व के अवसर पर परेड ग्राउंड स्थित संत फ्रांसिस चर्च में कैंडल जलाती युवती। देर शाम तक चर्च परिसर में आए व्यक्तियों ने कैंडल जलाए।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440
















