समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। यह बात तो लगभग सभी जानते हैं कि दाल में पौष्टिक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। मसूर दाल भी ऐसी ही एक दाल है, जिसमें पोषण और औषधीय गुण दोनों हैं। मसूर दाल को कैलोरी और प्रोटीन का अनोखा मेल माना जा सकता है, जो स्वस्थ और सही पोषण देने में कारगर हो सकती है। मसूर की दाल के औषधीय गुण से अगर कोई परिचित नहीं हैं, तो स्टाइलक्रेज इस बारे में जानकारी देने के लिए यह लेख लाया है। इस लेख में हम मसूर दाल के फायदे बताएंगे। साथ ही मसूर दाल बनाने की विधि और मसूर की दाल खाने के नुकसान का जिक्र भी इस लेख में शामिल है।
आइए, सबसे पहले जानते हैं की मसूर की दाल के औषधीय गुण क्या-क्या होते हैं।
मसूर की दाल के औषधीय गुण
मसूर की दाल के सेवन से इसके कई औषधीय गुण हासिल किए जा सकते हैं। यह दाल एंटीऑक्सीडेंट सामग्री से भरपूर होती है। यही वजह है कि मसूर की दाल मधुमेह, मोटापा, कैंसर और हृदय रोग आदि के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है। पोषक तत्वों की उच्च मात्रा, पॉलीफेनोल्स और अन्य बायोएक्टिव तत्वों से युक्त यह दाल भोजन और औषधि दोनों की भूमिका पर खरी उतर सकती है 1।
मसूर की दाल का सेवन शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है। मसूर दाल न सिर्फ लोकप्रिय पौष्टिक भोजन है, बल्कि यह ऊर्जा का अच्छा स्रोत भी है। इसमें माइक्रोन्यूट्रिएंट्स (सूक्ष्म पोषक तत्व) पाए जाते हैं और साथ में प्रीबायोटिक कार्बाेहाइड्रेट भी होते हैं। प्रीबायोटिक कार्बाेहाइड्रेट वो होते हैं, जिन्हें पचाना आसान होता है।
रिसर्च में यह पाया गया है कि जो खाद्य पदार्थ प्रीबायोटिक कार्बाेहाइड्रेट और डाइटरी फाइबर से समृद्ध होते हैं, वो मोटापा, कैंसर, हृदय रोग और मधुमेह जैसी गैर संक्रमित बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि मसूर की दाल उपयोग सेहत को बढ़ाने और उसे सुरक्षित रखने में कारगर हो सकता है। मसूर की दाल खाने के फायदे आगे लेख में विस्तार से बताए गए हैं।
मसूर की दाल के फायदे –
मसूर की दाल शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाने का काम कर सकती है। वहीं, पाठक इस बात का भी ध्यान रखें कि मसूर की दाल लेख में शामिल किसी भी बीमारी या समस्या का डॉक्टरी इलाज नहीं है। यह केवल समस्या से बचाव व उनके लक्षणों को कुछ हद तक कम करने में मददगार हो सकती है। अब नीचे पढ़ें मसूर की दाल के फायदे।
वजन घटाने के लिए मसूर दाल के फायदे
भूख में बढ़ोत्तरी वजन बढ़ने का मुख्य कारण हो सकती है, क्योंकि ज्यादा भूख लगने पर व्यक्ति अधिक मात्रा में भोजन का सेवन करता है। इससे वजन बढ़ने का जोखिम पैदा हो सकता है। मसूर की दाल के फायदे में से एक बढ़ते वजन को नियंत्रित करना है, क्योंकि इसमें फाइबर और प्रोटीन की अधिक मात्रा पाई जाती है। ये भूख को तुरंत शांत कर सकते हैं और वजन बढ़ने की समस्या को रोक सकते हैं 3। ध्यान रहे कि वजन कम रखने के लिए मसूर दाल के उपयोग के साथ निरंतर व्यायाम करना भी जरूरी है।
हृदय और कोलेस्ट्रॉल के लिए
बढ़ता कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग का एक जोखिम कारक है। वहीं, मसूर दाल में फाइबर मौजूद होता है और एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध के अनुसार फाइबर बढ़ते कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकता है। इसके पीछे फाइबर में मौजूद हाइपोकोलेस्टेरोलेमिक प्रभाव काम कर सकते हैं। साथ ही पॉलिफिनोल युक्त मसूर दाल में एंटी कोलेस्टेरोलेमिक प्रभाव भी होता है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि मसूर की दाल कोलेस्ट्रॉल को कम कर हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकती है ।
इससे अलावा, यह होमोसिस्टीन नामक एमीनो एसिड को नियंत्रित करने में सहायक हो सकती है, जिसकी खून में बढ़ी हुई मात्रा हृदय रोग का कारण बन सकती है। मसूर दाल के इस प्रभाव के पीछे इसमें मौजूद हाइपोहोमोसिस्टिनेमिक प्रभाव का होना है। साथ ही मसूर की दाल रक्तचाप को भी नियंत्रित करने में सहायक हो सकती है, जो हृदय रोग के जोखिम कारकों में से एक है।
ब्लड शुगर के लिए मसूर की दाल के फायदे
ज्यादा मीठा खाने से ब्लड शुगर का स्तर बढ़ सकता है। अगर कोई व्यक्ति ब्लड शुगर की समस्या से जूझ रहा है, तो इससे निजात पाने के कई उपाय है। उन्हीं में एक है मसूर दाल का सेवन करना। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, मसूर दाल में डायबिटिक पेशेंट और स्वस्थ मनुष्यों में ब्लड शुगर, लिपिड व लिपोप्रोटीन मेटाबॉलिज्म में सुधार करने की क्षमता होती है।
इसमें पाई जाने वाली उच्च फ्लेवोनोइड और फाइबर सामग्री ब्लड शुगर की मात्रा को बढ़ने से रोक सकती है। इसके अलावा, मसूर दाल में कॉम्प्लेक्स कार्बाेहाइड्रेट पाए जाते हैं, जो खून में धीरे-धीरे रिलीज होते हैं। जिससे कि ब्लड ग्लूकोज लेवल में तेजी से बदलाव नहीं हो सकता है। इस गतिविधि के कारण भी डायबिटीज से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।
पाचन के लिए मसूर दाल के फायदे
कभी-कभी व्यक्ति कुछ ऐसा खा लेते हैं, जिसका नकारात्मक असर पाचन क्रिया पर पड़ता है। ऐसे में मसूर की दाल पाचन क्रिया सुधारने में सहायक हो सकती है। इसमें पाया जाने वाला फाइबर भोजन को पचाने में मददगार हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि फाइबर पाचन को मजबूत करता है और कब्ज को रोकने में मदद कर सकता है। इसलिए, मसूर की दाल के उपयोग से पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।
इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए
अगर मसूर की दाल के फायदों की बात करें, तो उसमें इम्यूनिटी में सुधार करना भी शामिल है। दरअसल, मसूर दाल में ऐसे पेप्टाइड्स पाए जाते हैं, जो शरीर में एंटीमाइक्रोबियल यानी जीवाणु रोधी गतिविधि को बढ़ा सकते हैं। इससे शरीर में किसी भी तरह के संक्रमण (इन्फेक्शन) का जोखिम कम हो सकता है। इस प्रकार मसूर दाल में मौजूद पेप्टाइड्स इम्यूनिटी को बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं 1।
कैंसर के लिए
एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, मसूर की दाल का सेवन करने से पेट, थायराइड, लिवर, स्तन और प्रोस्टेट सहित कई प्रकार के कैंसर का जोखिम कम हो सकता है। दरअसल, मसूर की दाल में पाए जाने वाले लेक्टिन (एक प्रकार का प्रोटीन) में एंटी-कैंसर गुण पाए जाते हैं, जो मसूर की दाल में मौजूद फेनोलिक यौगिकों के साथ मिलकर ट्यूमर के बढ़ने की प्रक्रिया को बाधित कर सकते हैं। वहीं, इसी शोध में इस बात का भी जिक्र मिलता है कि मसूर की दाल में कीमोप्रिवेंटिव क्षमता (कैंसर से बचाव की क्षमता) पाई जाती है। इसके पीछे की वजह है मसूर की दाल में फ्लेवोनोइड्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट बायोएक्टिव यौगिकों की मौजूदगी 1। वहीं, पाठक इस बात का भी ध्यान रखें कि मसूर की दाल कैंसर का इलाज नहीं है। अगर कोई इसकी चपेट में आता है, तो डॉक्टरी उपचार करवाना जरूरी है।
दांत और हड्डियों के लिए
हड्डियों के कमजोर होने से जोड़ों में दर्द का खतरा बढ़ सकता है। मसूर की दाल इस समस्या से राहत पहुंचाने में सहायता कर सकती है, क्योंकि मसूर की दाल में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस होता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में सहायता कर सकते हैं। इस प्रकार मसूर दाल के उपयोग से जोड़ों के दर्द की समस्या से राहत मिल सकती है और दांत मजबूती प्राप्त कर सकते हैं।
दिमाग के लिए
लाल मसूर की दाल दिमाग से जुड़ी समस्याओं से बचाने में भी सहायक हो सकती है। एक अध्ययन में यह पाया गया है कि पार्किंसंस (केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से जुड़ा विकार) के लक्षण जैसे कैटाटोनिया (सामान्य रूप से चलने-फिरने में असमर्थ होना) से बचाव में लाल मसूर की दाल का हाइट्रोअल्कोहॉलिक एक्सट्रैक्ट मदद कर सकता है।
वहीं, इसमें मौजूद फ्लेवोनोइड्स मस्तिष्क की रक्त वाहिनियों में खून के बहाव को सुचारू कर सकते हैं, जिससे न्यूरोजेनेसिस (मस्तिष्क में नए ऊतक निर्माण) को बढ़ावा मिल सकता है। इसलिए, मसूर की दाल का सेवन करने से उम्र के साथ-साथ मस्तिष्क को पहुंचने वाली क्षति का जोखिम कम किया जा सकता है 8।
मांसपेशियों के लिए
अच्छा शरीर हर क्षेत्र में तरक्की दिलाने में मदद करता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक तत्वों का सेवन जरूरी होता है। इस बात से तो सभी परिचित है कि दाल में अधिक मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। प्रोटीन मासंपेशियों के विकास और उन्हें स्वस्थ रखने में मदद करता है 9। इसलिए, मांसपेशियों को मजबूती देने और प्रोटीन की पूर्ति के लिए मसूर की दाल का सेवन किया जा सकता है ।
गर्भावस्था के लिए मसूर दाल के फायदे
गर्भावस्था के दौरान कई महिलाओं को कमजोरी की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में मसूर की दाल खाने से शरीर में पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा मिल सकती है, जिससे महिलाओं को कमजोरी से छुटकारा मिल सकता है। मसूर की दाल में कुछ मात्रा में फोलिक एसिड (फोलेट) पाया जाता है, जो गर्भस्थ शिशु और गर्भवती के लिए जरूरी है। फोलेट, शिशु में न्यूरल ट्यूब दोष (जन्मजात तंत्रिका तंत्र विकार) के जोखिम से दूर रख सकता है।
इसलिए, विशेषज्ञ कहते हैं कि गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन 520 माइक्रोग्राम फोलेट का सेवन करना चाहिए। वहीं, 100 ग्राम मसूर दाल में 181358 माइक्रोग्राम फोलेट पाया जाता है 1। इसलिए, गर्भावस्था में फोलेट की पूर्ति के लिए मसूर की दाल खाने का फायदा हो सकता है।
त्वचा के लिए मसूर दाल के फायदे
हर कोई चाहता है कि उसकी त्वचा स्वस्थ हो। इसके लिए लोग कई तरह की क्रीम और ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं। वहीं, साधारण-सी मसूर की दाल इस काम में मदद कर सकती है। मसूर की दाल से बने फेस मास्क त्वचा को कई लाभ दे सकते हैं। इसके इस्तेमाल से त्वचा की अशुद्धियां दूर हो सकती हैं। लाल मसूर के फेस पैक से त्वचा युवा, कोमल और चमकती हुई दिख सकती है। लाल मसूर की दाल से तैयार फेस मास्क त्वचा को एक्सफोलिएट कर सकता है और पोर्स को टाइट करने का काम भी कर सकता है। हालांकि, इन तथ्यों की पुष्टि के लिए और शोध किए जाने की आवश्यकता है।
वहीं, कई जगह इस दाल के पानी को त्वचा संक्रमण व जले हुए हुए घाव से राहत पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है 8। एक बात का ध्यान रखें कि किसी भी तरह के नुकसान से बचने के लिए डॉक्टरी सलाह के बिना इस दाल का इस्तेमाल न करें।
बालों के लिए मसूर की दाल के फायदे
मसूर की दाल खाने के फायदे में से बालों को स्वस्थ रखना भी है। बालों के झड़ने की समस्या लगभग कई लोगों को होती है और इससे बचने के लिए लोग काफी पैसे भी खर्च करते हैं, लेकिन खास फायदा नहीं होता है। वहीं, मसूर की दाल में प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो बालों को जड़ों से मजबूत बनाकर उन्हें झड़ने से रोक सकते हैं। इस प्रकार मसूर दाल के उपयोग से बालों के झड़ने की समस्या से राहत मिल सकती है।
मसूर की दाल को खाने का सही समय क्या है?
मसूर की दाल एक स्वादिष्ट और गुणकारी दाल है। इसका सेवन दोपहर और रात के भोजन में आराम से किया जा सकता है।
वैसे तो मसूर की दाल खाने के फायदे अनेक हैं, लेकिन इसे अधिक मात्रा में खाने से मसूर दाल के नुकसान भी हो सकते हैं।
- मसूर की दाल में फाइबर होता है, इसलिए अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से पेट में गैस और ऐंठन की समस्या हो सकती है।
- फाइबर का अधिक सेवन शरीर द्वारा आयरन, जिंक, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे खनिजों के अवशोषण को बाधित कर सकता है।
- अधपकी मसूर दाल का अधिक मात्रा में सेवन करने से गुर्दे की बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए, इसे हमेशा अच्छी तरह पका कर खाएं।
- मसूर की दाल को एसिडिक पदार्थों की श्रेणी में रखा जाता है, इसलिए इसका अधिक मात्रा में सेवन एसिडिटी का कारण बन सकता है।
मसूर दाल के नुकसान से घबराने की आवश्यकता नहीं है। अगर इसका सही मात्रा में उपयोग करते हैं, तो मसूर दाल के फायदे मिल सकते हैं। लेख में बताई गईं शारीरिक समस्याओं से बचे रहने के लिए आप सीमित मात्रा में मसूर की दाल का सेवन कर सकते हैं।



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