समाचार सच, हल्द्वानी। श्री गिरिजा देवी सनातन सेवा समिति, हल्द्वानी द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के षष्ठम दिवस पर कथा व्यास डॉ. नवीन चन्द्र जोशी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गौ संरक्षण के माध्यम से समाज को यह शिक्षा दी कि गाय को केवल पशु नहीं, बल्कि माता के रूप में सम्मान देना चाहिए। उन्होंने गोवर्धन धारण लीला का वर्णन करते हुए बताया कि यह प्रसंग पर्यावरण संरक्षण, पर्वतों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की प्रेरणा देता है। कथा में कालीय नाग दमन तथा भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य रासलीला का भी विस्तार से वर्णन किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित महामंडलेश्वर स्वामी सोमेश्वर यति महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति के साथ-साथ आत्मतत्व का ज्ञान भी होता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मातृभूमि और राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव रखते हुए समाजहित में कार्य करना चाहिए।
भागवत कथा से मिलता है आत्मज्ञान और राष्ट्रसेवा का संदेश : महामंडलेश्वर सोमेश्वर यति
महामंडलेश्वर स्वामी परेश यति महाराज ने कहा कि संतों की वाणी में ज्ञान और विज्ञान का सार निहित होता है। उन्होंने कहा कि परमात्मा सर्वत्र विद्यमान हैं और उनकी अनुभूति श्रद्धा एवं भक्ति के माध्यम से की जा सकती है।
कथा एवं यज्ञ में मुख्य यजमान पान सिंह बिष्ट एवं श्रीमती तुलसी बिष्ट ने परिवार सहित विधिवत पूजन-अर्चन किया। धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन आचार्य लवराज जोशी, आचार्य प्रमोद चन्द्र जोशी, आचार्य प्रकाश चन्द्र जोशी, मंजीत सती, पं. हेम चन्द्र जोशी तथा आचार्य गोविन्द बल्लभ जोशी ने किया।
यज्ञ में पं. घनश्याम शर्मा एवं पूर्व पार्षद राजू नेगी ने भी सहयोग प्रदान किया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।



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