धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन वापसी का ऐलान, FIR वापसी, मुआवजे और शिक्षा सुधार पर सरकार से मिला आश्वासन
समाचार सच | नई दिल्ली
NEET पेपर लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन शनिवार को समाप्त हो गया। पार्टी ने केंद्र सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बाद आंदोलन वापस लेने की घोषणा की।
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार द्वारा प्रमुख मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बाद संगठन ने सद्भावना के आधार पर आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने तय समयसीमा के भीतर सहमति वाले बिंदुओं पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
सौरव दास के अनुसार, सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली सहित भाजपा शासित और सहयोगी राज्यों में दर्ज मामलों और एफआईआर वापस लेने पर सहमति जताई है। साथ ही, संबंधित मामलों की प्रतियां अगले कुछ दिनों में उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया गया है।
उन्होंने बताया कि संगठन ने सरकार को एक लिखित गारंटी का मसौदा भी सौंपा है, जिस पर मंगलवार तक जवाब मिलने की उम्मीद है। इसमें भविष्य में आंदोलनकारियों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई न करने का आश्वासन भी शामिल है।
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन ने NEET से प्रभावित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये के मानद मुआवजे की मांग भी रखी थी, जिस पर सरकार ने नियमों के अनुरूप सकारात्मक रुख अपनाने की बात कही है।
इसके अलावा, CJP ने परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए पांच सूत्रीय मांगपत्र सरकार को सौंपा है। इस पर विस्तृत चर्चा के लिए दोनों पक्ष लगभग चार सप्ताह बाद फिर बैठक करेंगे।
आशुतोष रांका ने बताया कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन चरणों में हुई वार्ता के दौरान संगठन की तीन प्रमुख मांगें थीं—शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, सभी प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमों की वापसी तथा प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता। संगठन का दावा है कि इन मांगों पर सरकार ने सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया है।

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