सैनिकों और शहीद परिवारों के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी दी, सैन्य धाम अक्टूबर में जनता को होगा समर्पित : गणेश जोशी
समाचार सच, हल्द्वानी। रिपोर्ट- अजय सिंह चौहान
प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण, सैनिक कल्याण तथा ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड सैनिक बहुल प्रदेश है और सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में आगामी 10 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे हल्द्वानी के वाटिका गार्डन में भारतीय सैन्य बलों एवं अर्द्धसैनिक बलों के गौरव सेनानियों का मिलन समारोह आयोजित किया जाएगा।
सोमवार को उपनल कार्यालय हल्द्वानी में पत्रकारों से वार्ता करते हुए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि इस भव्य मिलन समारोह में करीब 5000 पूर्व सैनिकों के शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है। समारोह में पूर्व सैनिकों और अर्द्धसैनिक बलों से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने के साथ ही उनके सम्मान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने वीरता पदक प्राप्त पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की है। वहीं देश की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले सैनिकों की विधवाओं को मिलने वाली शहीद अनुदान राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है।
गणेश जोशी ने बताया कि सरकार की ओर से शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था भी की गई है। अब तक 28 शहीद परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जा चुकी है।
उत्तराखंड की सैन्य परंपरा देश के लिए गौरव का विषय
सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सैन्य परंपरा देश के लिए गौरव का विषय रही है। उन्होंने कहा कि देश के पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, देश के पहले सीडीएस स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत और दूसरे सीडीएस जनरल अनिल चौहान का उत्तराखंड से संबंध रहा है। उन्होंने प्रदेश की गौरवशाली सैन्य परंपरा को देश की सुरक्षा और सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बताया।
अक्टूबर में जनता को समर्पित होगा सैन्य धाम
गणेश जोशी ने बताया कि देहरादून में विशाल और भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया गया है, जिसे अक्टूबर माह में जनता को समर्पित किए जाने की तैयारी है। सैन्य धाम में शहीदों की वीरगाथाओं को जीवंत रूप से प्रदर्शित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
उन्होंने बताया कि सैन्य धाम के निर्माण के लिए प्रदेश के 1734 शहीद परिवारों के आंगन की मिट्टी और 28 नदियों का जल एकत्र किया गया है। परिसर में बाबा जसवंत सिंह और बाबा हरभजन सिंह के मंदिर भी बनाए गए हैं। इसके अलावा शहीदों और वीर सैनिकों की गाथाओं को प्रदर्शित करने के लिए लाइट एंड साउंड शो की व्यवस्था भी की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि सैन्य धाम चारधाम यात्रा पर आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। इसके माध्यम से उत्तराखंड की गौरवशाली सैन्य परंपरा और देश के लिए बलिदान देने वाले वीर सैनिकों की गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार सीमा पर शहीद होने वाले सैनिकों के पैतृक गांवों में उनके सम्मान में सड़क और स्कूलों का नामकरण करने के साथ ही शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित करने का कार्य भी तेजी से कर रही है।
पत्रकार वार्ता के दौरान दर्जा राज्य मंत्री ध्रुव रौतेला एवं क्षेत्रीय परियोजना अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल गोविंद सिंह कन्याल (अप्रा.) भी मौजूद रहे।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



