सुबह की कुछ आसान लेकिन असरदार आदतें अपनाकर माइग्रेन दर्द से काफी हद तक बचा जा सकता है

खबर शेयर करें

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में माइग्रेन एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या बन गई है। सिर में एकतरफा दर्द, मतली, चक्कर, और आंखों में चुभन जैसे लक्षण दिन की शुरुआत को ही खराब कर सकते हैं। खासकर उन लोगों के लिए जिनका हर दिन ऑफिस, कॉलेज या घर की जिम्मेदारियों से शुरू होता है, माइग्रेन किसी बुरे सपने से कम नहीं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सुबह की कुछ आसान लेकिन असरदार आदतें अपनाकर इस दर्द से काफी हद तक बचा जा सकता है?

इस लेख में हम बात करेंगे माइग्रेन से जूझने वालों के लिए ऐसी 10 मॉर्निंग हैबिट्स की, जिन्हें अपनाकर आप न केवल दिनभर माइग्रेन से राहत पा सकते हैं, बल्कि अपनी एनर्जी और मूड को भी बेहतर बना सकते हैं। ये आदतें मेडिकल एक्सपर्ट्स, न्यूरोलॉजिस्ट्स और माइग्रेन सर्वाइवर्स के अनुभवों पर आधारित हैं और इन्हें अपनाना बेहद आसान है। तो आइए जानें कि माइग्रेन में सुबह कैसे बिताएं ताकि पूरा दिन दर्द से नहीं, बल्कि ऊर्जा और पॉजिटिविटी से भरा रहे।

सुबह जल्दी उठें
माइग्रेन ट्रिगर होने के सबसे बड़े कारणों में से एक है अनियमित नींद। रोज एक ही समय पर सोना और उठना आपके शरीर के बायोलॉजिकल क्लॉक को रेगुलेट करता है, जिससे हार्माेन बैलेंस बना रहता है। देर तक सोना या नींद पूरी न करना दोनों ही माइग्रेन को बढ़ा सकते हैं। इसलिए रोज़ सुबह एक तय समय पर उठने की आदत डालें।

यह भी पढ़ें -   गैरसैंण में विधानसभा सत्र के पहले दिन जोरदार हंगामा, बैरिकेडिंग तोड़ आगे बढ़े आंदोलनकारी

गुनगुना पानी पिएं
सुबह उठते ही खाली पेट एक ग्लास गुनगुना पानी पीना शरीर को डिटॉक्स करता है और डिहाइड्रेशन से जुड़ी माइग्रेन प्रॉब्लम्स को रोकने में मदद करता है। आप चाहें तो पानी में नींबू की कुछ बूंदें या शहद भी मिला सकते हैं।

धीरे-धीरे स्ट्रेच करें
माइग्रेन से जूझने वालों को सुबह उठते ही झटके से उठने से बचना चाहिए। इसकी जगह आप बिस्तर पर ही धीरे-धीरे स्ट्रेचिंग करें ताकि नसों और मांसपेशियों को झटका न लगे और ब्लड सर्कुलेशन स्मूद बना रहे।

लाइट योगा और प्राणायाम
योग और प्राणायाम न केवल शरीर को फिट रखते हैं, बल्कि न्यूरोलॉजिकल सिस्टम को भी शांत करते हैं। माइग्रेन में खासकर ‘अनुलोम-विलोम’, ‘भ्रामरी’ और ‘कपालभाति’ जैसे प्राणायाम बेहद फायदेमंद होते हैं। ये माइंड रिलैक्सेशन में मदद करते हैं।

कैफीन से बचें
सुबह खाली पेट चाय या कॉफी पीना माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। अगर आप कैफीन के आदी हैं, तो भी इसे सुबह के समय भोजन के बाद लें, खाली पेट बिल्कुल नहीं।

यह भी पढ़ें -   उर्मिला सनावर ने जमानत के लिए खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, 29 अक्टूबर को होगी सुनवाई

हल्का और हेल्दी ब्रेकफास्ट करें
सुबह का नाश्ता स्किप करना माइग्रेन को बढ़ावा दे सकता है। हमेशा प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स से भरपूर नाश्ता करें, जैसे उपमा, पोहा, ओट्स या फ्रूट्स। इससे ग्लूकोज लेवल बैलेंस रहता है और सिरदर्द की संभावना कम हो जाती है।

    तेज रोशनी और तेज आवाजों से बचें
    माइग्रेन पेशेंट्स को सुबह तेज़ धूप, चकाचौंध और शोर-शराबे से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारें और अगर ज़रूरत हो तो हल्के रंग के सनग्लासेस का इस्तेमाल करें।

    स्क्रीन टाइम लिमिट करें
    अलार्म बंद करते ही मोबाइल पर सोशल मीडिया स्क्रॉल करना आज की आदत बन गई है, लेकिन माइग्रेन के लिए ये नुकसानदायक हो सकता है। मोबाइल की नीली रोशनी न्यूरो-वेव्स को डिस्टर्ब करती है, जिससे सिर दर्द शुरू हो सकता है।

    गंध से परहेज
    कई बार माइग्रेन की शुरुआत तीखी गंधों से भी हो जाती है। सुबह-सुबह तेज़ परफ्यूम या अगरबत्ती लगाने से बचें। इनकी जगह प्राकृतिक सुगंध जैसे लैवेंडर ऑयल या सैंडलवुड का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    ध्यान और सकारात्मक सोच
    सुबह कुछ मिनटों का मेडिटेशन माइग्रेन के लिए एक असरदार प्राकृतिक उपाय है। इससे स्ट्रेस, एंज़ायटी और टेंशन कम होती है, जो माइग्रेन के ट्रिगर्स हैं। साथ ही, पॉजिटिव सोच दिनभर का मूड बेहतर बनाती है।

    ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad

    सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

    👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

    👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

    👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

    हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440