इनके वाहन में कई बार यात्रा की नीम करौली महाराज जी ने

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समाचार सच, हल्द्वानी। विराट चेतना का अवतरण बाबा नीम करौली महाराज के देश और दुनिया में असंख्य भक्त हैं और बाबा की सिद्धियों के साक्षी भी। ऐसा ही एक नाम हल्द्वानी निवासी मान सिंह नागपाल उर्फ माना जो पेशे से टैक्सी ड्राइवर रहे उनके वाहन संख्या यूएसआर 6765 में बाबा जी द्वारा कई बार यात्राएं करी। यूं तो मान सिंह जी की उम्र लगभग 80 वर्ष की है वह अपने जिंदादिलीे के उस पड़ाव को याद करते हुए भावुक हो उठते हैं। सन् 1963 के आसपास अपनी टैक्सी से यात्रियों को हल्द्वानी से रानीखेत लाते और ले जाते थे, एक दिन जब वह अपनी गाड़ी से वापिस आ रहे थे तो उन्होंने देखा एक स्थान पर कुछ लोगों की भीड़ लगी हुई थी किसी अनहोनी की आशंका को समझ उन्होंने अपनी कार रोकी और उस स्थान पर जाकर देखा तो वहां तपस्वी महाराज बाबाजी के रूप में विराजमान थे। वे सभी लोग बाबाजी के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त कर अपने स्थानों पर विराजमान हो रहे थे। सभी से महाराज जी आशीर्वाद देते समय कुछ न कुछ पूछ रहे थे ऐसे में मैंने भी जाकर महाराज को चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया तो महाराज जी द्वारा मुझसे पूछा गया कि कहां से आये हो और क्या कार्य करते हो मैंने महाराज को बताया कि मैं टैक्सी ड्राइवर हूं आपके आशीर्वाद लेने आया हूं सवारियों के साथ। उन्होंने मुझे आशीर्वाद देकर मुझसे मेरा नाम पूछा और कहा कि अभी तुम जाओ दो-चार दिन बाद मुझे मथुरा, वृंदावन जाना है ले चलोगे अपनी गाड़ी में, मैंने हामी भरते हुए कहा कि जरूर ले चलंगे महाराज जी आपको। उसके बाद बाबाजी को कहीं भी आना-जाना होता तो वह मुझे याद अवश्य करते थे। कई वर्षों तक महाराज जी साथ सफर किया तथा महाराज जी के चरण हमारे पुश्तैनी निवास राजेन्द्र नगर (राजपुरा) गली नं. 1 पर भी पड़े जिस स्थान पर महाराज जी विराजमान थे उस स्थान पर आज भव्य मन्दिर बना है। इनको श्रद्धालु नीम करौली महाराज कैंची धाम वालों के नाम से जानते हैं। वे कैंची धाम में हर वर्ष 15 जून को उनके लाखों भक्त जो देश विदेश में रहते हैं और इस स्थान पर अवश्य ही आते हैं। तथा मैं भी हर साल बाबा जी के मंदिर में माथा टेकने अवश्य ही जाता था लेकिन इस बार कोरोना वायरस संक्रमण के कारण इस बार मंदिर में 15 जून को कोई कार्यक्रम नहीं हो पायेगा जिसके चलते मेरी भी हाजिरी बाबा के दरबार में लगना सम्भव नहीं है। इससे पूर्व कई बार अपनी पत्नी के साथ जाकर वहां का प्रसाद ग्रहण कर तथा साथ में लाये प्रसाद को सभी लोगों में वितरित किया करता था।


मान सिंह का भरा-पूरा परिवार है उनकी पत्नी प्रेमकौर नागपाल, अपने दो पुत्र व बहुओं तथा उनके बच्चों के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं तथा उनकी दो पुत्रियां जिनका विवाह हो चुका है इस प्रकार मानसिंह नागपाल उर्फ माना नाता-पोतों के साथ अपना जीवन घर पर ही व्यतीत कर रहे हैं। वहीं उनका बड़ा पुत्र दलजीत सिंह दल्ली व छोटा पुत्र सतपाल सिंह भी कारोबार को अपनी मधुर वाणी के माध्यम से बखूबी अंजाम देते नजर आ रहे हैं। वहीं दलजीत सिंह दल्ली जो व्यापार मण्डल के साथ -साथ कई सामाजिक संगठनों एवं मटर गली व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं।

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