समाचार सच, नैनीताल। बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने तीनों दोषियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। बुधवार को न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ ने दो दिन तक चली विस्तृत सुनवाई के बाद पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को जमानत देने से इनकार कर दिया।
तीनों की ओर से हाईकोर्ट में जमानत के पक्ष में विभिन्न तर्क रखे गए थे। वहीं अभियोजन पक्ष और पीड़िता की ओर से मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और निचली अदालत के फैसले का हवाला दिया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
मामले में कोटद्वार की तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने 30 मई 2025 को पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को अंकिता भंडारी की हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसी फैसले के खिलाफ तीनों ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी और जमानत दिए जाने की मांग की थी।
अंकिता भंडारी पौड़ी जिले की रहने वाली थीं और ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनके संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने के बाद मामला सामने आया था। 24 सितंबर 2022 को चीला बैराज से अंकिता का शव बरामद किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और कर्मचारी अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मामले में हत्या सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई और तीनों आरोपी तब से न्यायिक हिरासत में रहे हैं।
पीड़िता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष कहा कि घटना से जुड़े उपलब्ध साक्ष्य अभियोजन के पक्ष को मजबूत करते हैं और इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर निचली अदालत ने तीनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



