वर्तमान में अनुसूचित व्यक्ति समाज की मुख्यधारा से काफी पीछे : समीर आर्य

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अनुसूचित जाति शब्द का उद्बोधन करने की मांग

समाचार सच, हल्द्वानी। भाजपा अनुसूचित मोर्चा के पूर्व प्रदेश महामंत्री समीर आर्य ने अनुसूचित जाति समाज की भावनात्मक व सामाजिक प्रतिष्ठा एवं पीड़ा को ध्यान में रखते हुए दलित शब्द को प्रतिबंधित कर संवैधानिक रूप से अनुसूचित जाति शब्द का उद्बोधन करने की मांग उठाई है।

गुरूवार को यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए आर्य ने इसके लिए सामाजिक संगठनों के माध्यम से स्वाभिमान जनचेतना अभियान चलाने व अनुसूचित जाति की बस्तियों से 51000 हस्ताक्षरयुक्त पोस्टकार्ड व बैनर राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को भेजने की बात कही।

उन्होंने बताया कि इस संबंध उन्होंने एक ज्ञापन भी राष्ट्रपति को प्रेषित किया गया है। जिसमें कहा गया है कि वर्तमान में अनुसूचित व्यक्ति समाज की मुख्यधारा से काफी पीछे है। लिहाजा संवैधानिक भाषा के अनुरूप अनुसूचित जाति शब्द का ही प्रयोग किया जाना चाहिए। साथ ही ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि संविधान में कहीं भी अनुसूचित जाति समाज अथवा अनुसूचित जाति के व्यक्ति को इंगित करते हुए उच्चारण करने के लिए दलित शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है और न ही दलित शब्द अनुसूचित जाति को इंगित करने के लिए संवैधानिक है। इसे देखते हुए दलित शब्द के उद्बोधन पर प्रतिबंध आवश्यक है।

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