सीमांत जिले में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई ग्रामीण इलाके कटे, प्रशासन सड़कें खोलने में जुटा, देर से जारी अवकाश आदेश पर अभिभावकों ने उठाए सवाल।
समाचार सच, पिथौरागढ़। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिले में भूस्खलन और मलबा आने से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (च्डळैल्) सहित विभिन्न विभागों की 15 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है। वहीं, खराब मौसम को देखते हुए बुधवार को बेरीनाग और गंगोलीहाट विकासखंड के कक्षा 12 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया, लेकिन आदेश देर से जारी होने के कारण अधिकांश छात्र-छात्राएं और शिक्षक पहले ही स्कूल पहुंच चुके थे।
जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, भारी बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों की 12 और सीमा क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण सड़कें मलबे और बोल्डर गिरने से बाधित हो गईं। धारचूला-तवाघाट और तवाघाट-गुंजी मार्ग को मंगलवार को कड़ी मशक्कत के बाद यातायात के लिए खोला गया, जबकि कई अन्य सड़कें अब भी बंद हैं।
धारचूला क्षेत्र की कालिका-खुमती सड़क पिछले पांच दिनों से बंद है। ग्राम प्रधान विमला देवी के अनुसार सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे हुनरी, भिड़ी, मल्ला खुमती, सेकली, कटौजिया समेत कई गांवों की करीब 1500 आबादी को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और अन्य संबंधित एजेंसियां जेसीबी मशीनों की मदद से बंद मार्गों को खोलने में लगी हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है, लेकिन सभी बंद सड़कों को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने बेरीनाग और गंगोलीहाट क्षेत्र के विद्यालयों में अवकाश घोषित किया, लेकिन आदेश तब जारी हुआ जब अधिकांश बच्चे स्कूल पहुंच चुके थे। इसके बाद छात्रों और शिक्षकों को वापस घर लौटना पड़ा।
ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष दीपक उप्रेती और अभिभावक चारू पंत ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में कई बच्चे 10 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तय कर स्कूल पहुंचते हैं। ऐसे में अवकाश संबंधी आदेश समय से जारी किए जाने चाहिए ताकि बच्चों और अभिभावकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने भी इसी तरह की स्थिति सामने आई थी।



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