उत्‍तराखंड में बारिश कहरः केदारनाथ मार्ग पर बही 25 मीटर सड़क, रास्ता बंद होने से यात्रा हुई ठप

खबर शेयर करें

समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश से केदारनाथ मार्ग पर लगभग 25 मीटर हिस्सा बह गया है। इसके चलते आवाजाही बिल्कुल ठप हो गई है। सोनप्रयाग में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद सोनप्रयाग और गौरीकुंड को प्रशासन ने एहतिहातन खाली करा दिया है। नदी किनारे बने होटल और ढाबे भी खाली करा दिए गए हैं। केदारनाथ मार्ग पर जगह-जगह पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके चलते यात्रियों को फिलहाल जहां हैं वहीं सुरक्षित रहने की हिदायत दी गई है।

उत्तराखंड में बुधवार दोपहर के बाद से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने पहाड़ से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक तबाही मचा दी है। आफत के रूप में बसी बारिश ने गढ़वाल और कुमाऊं के विभिन्न क्षेत्रों में जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। नदियां उफान पर आ गई हैं। लगातार बारिश से चारधाम यात्रा मार्ग मलबा और पत्थर गिरने से कई जगह अवरुद्ध हो गया है। सोनप्रयाग में मुख्य बाजार से लगभग 1 किलोमीटर आगे सड़क का 25 मीटर से अधिक का हिस्सा नदी के कटाव और पहाड़ी धंसने से वॉश आउट हो गया। इस मार्ग पर फिलहाल पैदल आवाजाही की भी संभावना नहीं है। इसके चलते यात्रियों को भी फिलहाल रोक दिया गया है। गौरीकुंड के आसपास जंगल चट्टी और भीमबली क्षेत्र के बीच के स्थानों, पुलिस चौकी भीमबली पुलिस चौकी से आगे और लिनचोली पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं। इन मार्गों पर पत्थर रूक-रूक कर गिर रहे हैं। इसकी वजह से आवाजाही खतरनाक बनी हुई है।

यह भी पढ़ें -   वास्तु दोष: घर में पानी की टंकी लगवाने से पहले इसका ध्यान रखने से शुभ फल की प्राप्ति होती है और सुख सौभाग्य में वृद्धि होती है

हालांकि देर रात बारिश रुकने के बाद नदियों का जलस्तर कम हो गया है। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों से अपील की है कि जो भी यात्री जहां पर हैं वहीं पर सुरक्षित रहें। यात्री फिलहाल अपनी केदारनाथ यात्रा को स्थगित कर दें क्योंकि सोनप्रयाग से आगे मोटर मार्ग और पैदल मार्ग की स्थिति सही नहीं है। मार्ग ठीक होने और यात्रा सुचारू होने पर यात्रियों को सूचना भेज दी जाएगी और यात्रा सुचारू करवाई जाएगी।

यह भी पढ़ें -   लहसुन खाने के चमत्कारिक फायदे

हालात को देखते हुए सोनप्रयाग और गौरीकुंड को खाली करवा दिया गया। गौरीकुंड में मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ गया था जिसके चलते नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया था। वहीं, गौरीमाई मंदिर को भी खाली कर दिया गया। तेज बारिश के चलते तप्तकुंड बह गया। वहीं, सोनप्रयाग में पुलिस प्रशासन ने पार्किंग को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है।

बुधवार को मूसलाधार बारिश और इस तरह की तबाही का नजारा देखकर लोगों की सांसें रुक गई। सोनप्रयाग में जिस तरह से देर रात से तेज बारिश हुई और सड़क वॉशआउट हो गई। गौरीकुंड-सोनप्रयाग को खाली कराने के दौरान जिस तरह लोगों ने दौड़ लगाई थी, उसको देखकर लोगों की आंखों में 2013 की आपदा का मंजर दिखने लगा। आपदा से पहले हुई बारिश को याद कर लोग दहशत से कांप गए।

Ad AdAd Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440