समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है, जबकि मौसम विभाग ने 12 और 13 मई को भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर गढ़वाल मंडल के कई जिलों में खराब मौसम की आशंका जताई गई है, जिसके चलते प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने यात्रियों और पर्यटकों से कहा है कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और उसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं। उन्होंने कहा कि 12 और 13 मई के दौरान मौसम अधिक संवेदनशील रह सकता है, इसलिए संभव हो तो मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा करना बेहतर रहेगा। साथ ही प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है। सभी संबंधित विभागों को जरूरी इंतजाम दुरुस्त रखने और आपात स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। वहीं 4500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मैदानी क्षेत्रों में भी हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। कई पर्वतीय जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।
चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रदेश पहुंच रहे हैं। ऐसे में लगातार हो रही बारिश से यात्रा मार्गों पर भूस्खलन और मलबा गिरने का खतरा बढ़ गया है। कई जगहों पर सड़कें बाधित होने से यात्रियों को रुककर मार्ग खुलने का इंतजार करना पड़ सकता है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में टीमें तैनात कर दी हैं और यात्रियों से किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की अपील की है।



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