यशपाल आर्य और गणेश गोदियाल के व्यवहार पर भी उठाए सवाल, कांग्रेस ने बसें रोके जाने का लगाया था आरोप
समाचार सच, देहरादून/हल्द्वानी। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा से पहले और कार्यक्रम के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। नैनीताल एसएसपी कार्यालय में कांग्रेस नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच हुए विवाद, तीखी नोकझोंक और कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है।
मुख्यमंत्री ने पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा और अभद्र व्यवहार के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के व्यवहार को भी अनुचित बताया।
‘लोकतंत्र में विरोध का अधिकार, लेकिन मर्यादा जरूरी’
देहरादून में एक कार्यक्रम के दौरान हल्द्वानी के घटनाक्रम को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को जनता पहले ही नकार चुकी है और अब पार्टी को अपने कार्यक्रमों में लोगों को जुटाने में कठिनाई हो रही है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक इसी हताशा और नाराजगी में कांग्रेस नेताओं की ओर से पुलिस कार्यालय में हंगामा किया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक राजनीतिक दल को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए हिंसा अथवा अभद्र व्यवहार का सहारा नहीं लिया जा सकता।
यशपाल आर्य और गणेश गोदियाल के व्यवहार पर भी सवाल
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के व्यवहार का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह का हंगामा हुआ और गाली-गलौज से जुड़े वीडियो सामने आए, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन सार्वजनिक संस्थानों में जाकर इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं हो सकता।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस-प्रशासन पर पार्टी कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम तक पहुंचने से रोकने का आरोप लगाया था। कांग्रेस का कहना था कि जनसभा में शामिल होने आ रही पार्टी कार्यकर्ताओं की बसों को रोका गया।
इसी मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी के कार्यालय पहुंचे थे। यहां कांग्रेस नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई। घटनाक्रम से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए।
भाजपा ने जहां इसे कांग्रेस की हताशा और राजनीतिक मर्यादा के उल्लंघन से जोड़कर हमला बोला, वहीं कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए अपने कार्यकर्ताओं को रोके जाने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
CM के बयान के बाद और गरमाई सियासत
अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान के बाद हल्द्वानी का यह घटनाक्रम एक बार फिर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गया है। भाजपा जहां कांग्रेस नेताओं के व्यवहार को मुद्दा बना रही है, वहीं कांग्रेस पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रही है।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



