भगवान शिव से रावण ने मांगा वरदान ‘हम काहू के मरहू ना मारे’

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समाचार सच, हल्द्वानी। श्री रामलील मैदान हल्द्वानी में कुमाऊं की प्राचीनतम रामलीला में आज रावण जन्म की कथा का वर्णन किया गया जिसमें महर्षि विश्रवा से विवाह के बाद कैकसी ने वीभत्स राक्षस रूपी पुत्र को जन्म दिया, जिसके 10 सिर थे, उसके शरीर का रंग काला और आकार पहाड़ के सामान था। महर्षि विश्रवा ने सबसे बड़े पुत्र का नाम दशग्रिव रखा, जो बाद में रावण के नाम से तीनों लोकों में जाना गया। लेकिन रावण के अत्याचारों ने भगवान विष्णु को धरती पर जन्म लेने के लिए विवश कर दिया। अत्याचारों से त्रस्त ऋषि मुनियों ने अपनी व्यथा महार्ष ब्रह्मा व भगवान शंकर को सुनाई और सभी देव भगवान विष्णु के पास जाकर उनसे विनती करने लगे उनकी विनती पर भगवान विष्णु ने कहा कि वह शीघ्र ही धरती पर अवतार लेकर रावण के अत्याचारों का अन्त करेंगे।

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व्यास गद्दी पर पंडित पुष्कर दत्त शास्त्री जी विराजमान रहे। रामलीला मैदान में आज की राम सेवा माथुर वैश्य महिला समिति, प्रेरणा और प्रयास लीनस क्लब, पंजाबी वूमेंस क्लब, ऑल इंडिया वूमेन क्लब महिला संगठनों ने दी ।
मैदान में आज मुख्य रूप से प० विवेक शर्मा, जीवन चंद्र पांडे, सुषमा पांडे, पंकज कपूर,अशोक अग्रवाल, विजय भट्ट, प्रदीप जनौटी, सुनील सडाना, विवेक कश्यप, अतुल अग्रवाल, मनोज गुप्ता, दिनेश गुप्ता, अरुण अग्रवाल पिंटू, मोनिका गुप्ता, सोनू जोशी, रश्मि राजपाल, रश्मि गुप्ता, निर्मल बिष्ट, दीपू बड़शलिया, हितेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।

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