
समाचार सच, देहरादून। उत्तराखंड में क्षैतिज आरक्षण, राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण समेत अन्य मांगों को लेकर राज्य आंदोलनकारियों ने राजभवन कूच किया। इस दौरान उनकी पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई। हालांकि, फिर पुलिस ने उन्हें हाथीबड़कला बैरिकेडिंग पर रोक दिया, जिसके बाद सभी वहीं धरने पर बैठ गए। राज्य आंदोलनकारी मंच के बैनर तले प्रदेशभर से जुटे आंदोलनकारियों ने बुधवार को राजभवन कूच किया। आंदोलनकारियों के कूच को कांग्रेस, यूकेडी और आम आदमी पार्टी ने भी अपना समर्थन दिया है। भारी संख्या में राजभवन कूच को निकले आंदोलनकारियों को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने संबोधित किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार राज्य आंदोलनकारी विरोधी है और जबसे ये सत्ता मे आए हैं, तभी से राज्य आंदोलनकारियों का दमन और उत्पीड़न शुरू हुआ है। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों की सभी मांगों को अपना समर्थन दिया और कहा कि कांग्रेस सत्ता में आयी तो राज्य आंदोलनकारियों की सभी मांगों को पूर्ण किया जाएगा।
राजभवन घेराव में मुख्य रूप से मुख्य रूप से राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक व पूर्व राज्यमंत्री धीरेंद्र प्रताप, रविंद्र जुगरान पूर्व अध्यक्ष, राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय संयोजक मनीष कुमार, जगमोहन सिंह नेगी, परदीप कुकरेती, वीरेंद्र पोखरियाल, लालचंद शर्मा, भगत सिंह, महिमानंद भट्ट कोटी ,कलम सिंह राणा, अशोक मल्होत्रा, पीयूष गॉड, कलम सिंह, सतेंद्र भट्ट, डॉ विजेंद्र पोखरियाल, विनोद योगदान, शेर सिंह बिष्ट, संजय काला , डॉक्टर नरेंद्र डंगवाल ,राजेश शर्मा, विनोद सिंह, मुरारीलाल कंडवाल ,संदीप चमोली, अजय माथुर ,पूरन सिंह रावत, कैलाश ठाकुर, धनीलाल शाह ,दिसंबर कोठियाल ,भजन सिंह राणा, जयंत सिंह ,भीम चंद्र पाठक, मनोज जोशी, उमेश चंद, अयोध्या प्रसाद केसवानी, देवी प्रसाद व्यास, मधु थापा अरुणा थपलियाल, सावित्री नेगी समेत सैकड़ों राज्य आंदोलनकारी उपस्थित थे।



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