साइकिल रैली निकाल कर किया सचिवालय कूच

खबर शेयर करें

सचिवालय के पास दिया धरना

समाचार सच, देहरादून। जन हस्तक्षेप बैनर तले हज़ारों मज़दूरों और गरीब लोगों ने साइकिल रैली निकल कर देहरादून में सचिवालय कूच किया। गरीब लोगों के हक़ों को लेकर सरकार की निष्क्रियता और अमानवीय लापरवाही पर उन्होंने आक्रोश जाताया। 2018 में देहरादून की कई मलिन बस्तियों को हटाने का कोर्ट आदेश आया था। जन विरोध होने के बाद सरकार को अध्यादेश लाना पड़ा था, जिसके द्वारा उन्होंने इस आदेश को तीन साल के लिए स्थगित किया था। जुलाई 2021 में यह अध्यादेश समाप्त हो जाएगा, लेकिन सरकार ने आज तक एक भी कदम नहीं उठाया है जिससे मलिन बस्ती में रहने वाले गरीब लोगों के लिए कोई स्थायी व्यवस्था बन सके। तो जुलाई के बाद पुरानी स्थिति फिर होने की पूरी सम्भावना है। जनवरी महीने से लगातार इस मुद्दा को उठाया जा रहा है। 21 जनवरी को ही विभिन्न जन संघटनों एवं साथ विपक्षी दलों की और से मुख्यमंत्री के नाम पर सरकार को ज्ञापन सौंपा गया था, जिसके साथ प्रस्ताव दिया गया था। उसके बाद देहरादून में इन प्रस्तावों को ले कर तीन जन सम्मेलन हुए हैं। फिर भी सरकार इस मुद्दा को लेकर मुकदर्शक बन कर बैठी हुई है। अतिक्रमण हटाने के नाम पर किसी भी परिवार को बेघर नहीं किया जाना चाहिए, अगर किसी भी क्षेत्र से पर्यावरण, आपदा के ख़तरे या विकास कार्यों की वजह से लोगों को पुनर्वासित करने की ज़रूरत है, यह बात एक पारदर्शक प्रक्रिया द्वारा तय किया जाए और पुनर्वास लोगों की सहमति से ही होना चाहिए, उन इलाकों के आलावा अन्य इलाकों में यदि कोई एक साल से ज्यादा खुद के घर में रह रहे हैं, सूक्ष्म शुल्क देने पर उनको उस घर का पट्टा मिलना चाहिए, मज़दूरों के लिए हॉस्टल बनने चाहिए और बस्तियों के निकट कम किराये पर आवास उपलब्ध कराया जाना चाहिए, और इस योजना के निर्माण का काम निर्माण मज़दूरों के सहकारी समितियों या प्रोड्यूसर कम्पनियों द्वारा किया जाना चाहिए, इन प्रस्तावों को सरकार के सामने में रखा गया था। आज जब गरीब लोगों ने अपना काम छोड़ कर अपने हक़ों के लिए रास्ता पर उतरे हैं, हम चाहते हैं कि इस अति संवेदनशील मानवीय विषय पर सरकार अविलम्ब ध्यान दे कर इन साथ प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्रवाई करें। जुलुस में देहरादून के विभिन्नज क्षेत्रों से हज़ारों लोगों के साथ उत्तराखंड महिला मंच से निर्मला बिष्ट, चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल, विनोद बडोनी, सुनीता देवी, प्रभु पंडित, अशोक कुमार, पप्पू, संजय सहनी, रामु सोनी, राजाराम, रमन पंडित, हीरालाल, विजय पल, जन संवाद समिति से सतीश दौलाखण्डी भी शामिल रहे। उनके साथ राजनैतिक दलों की और से समाजवादी पार्टी के राज्य अध्यक्ष डॉक्टर एसएन सचान, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव समर भंडारी, गिरिधर पंडित और अशोक कुमार, तृणमूल कांग्रेस के राज्य संयोजक राकेश पंत, अन्य राजनैतिक दलों की और से प्रतिनिधि शामिल रहे। कांग्रेस पार्टी के पूर्व राज्य अध्यक्ष ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि सरकार इन बिंदुओं को संज्ञान में ले।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440

Leave a Reply

Your email address will not be published.