रुड़की की बेटी काजल सैनी बनीं एसडीएम, गांव से प्रशासनिक सेवा तक का सफर बना मिसाल

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साधारण परिवार की बेटी ने मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर हासिल की सफलता, क्षेत्र की बेटियों के लिए बनी प्रेरणा

समाचार सच, रुड़की। हरिद्वार जिले के झबरेड़ा क्षेत्र के सढौली गांव की बेटी काजल सैनी ने यह साबित कर दिया है कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती। ग्रामीण परिवेश से निकलकर प्रशासनिक सेवा में जगह बनाना आसान नहीं होता, लेकिन काजल ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर इस कठिन लक्ष्य को हासिल कर लिया। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद उनका चयन उप जिलाधिकारी (एसडीएम) पद के लिए हुआ है।

काजल की इस उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया है। गांव में जश्न जैसा माहौल है और उनके घर पर बधाई देने वालों का लगातार आना-जाना लगा हुआ है। स्थानीय लोग इसे केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की उपलब्धि मान रहे हैं।

काजल का सफर संघर्ष, धैर्य और निरंतर प्रयासों की कहानी है। उन्होंने बीएमएस की शिक्षा प्राप्त करने के बाद उत्तराखंड सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दीं। हालांकि नौकरी मिलने के बाद भी उन्होंने अपने बड़े लक्ष्य को नहीं छोड़ा। प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना उनके भीतर लगातार जीवित रहा और उसी सपने को साकार करने के लिए उन्होंने तैयारी जारी रखी।

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लगातार अध्ययन और कठिन परिश्रम का परिणाम आखिरकार सफलता के रूप में सामने आया। एसडीएम पद पर चयन होने के बाद काजल आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल करने का सपना देखते हैं।

सफलता मिलने के बाद काजल ने अपने माता-पिता, भाई और मित्रों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि परिवार का सहयोग और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा। कठिन समय में परिवार और दोस्तों ने उनका मनोबल बनाए रखा, जिससे वह अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ती रहीं।

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काजल की उपलब्धि पर उत्तराखंड सरकार में राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी भी उनके घर पहुंचे और उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि काजल की सफलता क्षेत्र की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उनका मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती।

आज सढौली गांव की यह बेटी सिर्फ अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे हरिद्वार जिले का गौरव बन गई है। काजल सैनी की सफलता एक बार फिर यह संदेश देती है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि उसे आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है आत्मविश्वास, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति।

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