समाचार सच, हल्द्वानी। रिपोर्ट- अजय सिंह चौहान।
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली के जरिए पार्टी ने उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को खुलकर जमीन पर उतारने का संदेश दिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में आयोजित रैली में केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे राजनीतिक हमले किए गए। खड़गे ने अपने करीब 46 मिनट के संबोधन में बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं, कथित भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा, अग्निवीर योजना, किसान, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को कांग्रेस के चुनावी एजेंडे से जोड़ते हुए कार्यकर्ताओं से सत्ता परिवर्तन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
खड़गे ने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरभूमि बताते हुए कुमाऊं और गढ़वाल रेजीमेंट का उल्लेख किया। उन्होंने अग्निवीर योजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सैनिकों और सैन्य परिवारों से जुड़े सवालों को भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाया। बेरोजगारी और सरकारी भर्तियों को लेकर उन्होंने युवाओं को कांग्रेस के साथ जोड़ने की कोशिश की।
भाजपा पर भ्रष्टाचार को लेकर हमला बोलते हुए खड़गे ने ‘वाशिंग मशीन’ का तंज कसा। उनका इशारा उन नेताओं की ओर था, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद भाजपा में शामिल होने का कांग्रेस लगातार आरोप लगाती रही है। महिला सुरक्षा और अंकिता भंडारी प्रकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने प्रदेश सरकार की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
रवि टम्टा के बहाने युवाओं को संदेश
खड़गे ने अपने भाषण में अल्मोड़ा के युवा रवि टम्टा की तकनीकी उपलब्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद रवि ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर फ्लाइंग कार जैसी तकनीक विकसित करने की दिशा में काम किया। खड़गे ने इसे उत्तराखंड के युवाओं की क्षमता का उदाहरण बताते हुए कहा कि अवसर और संसाधन मिलने पर प्रदेश के युवा बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
कांग्रेस के मंच से सत्ता परिवर्तन का आह्वान
खड़गे ने भाजपा के ‘डबल इंजन’ सरकार के दावे पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस का वैकल्पिक मॉडल सामने रखा। उन्होंने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान सम्मान, महिला सुरक्षा और सैनिकों के सम्मान को कांग्रेस की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। भाषण के अंत में दुष्यंत कुमार की कविता के जरिए भी उन्होंने बदलाव का राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर जोर दिया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा, जबकि अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
रैली को लेकर कांग्रेस का दावा—कुमाऊं से शुरू हुआ चुनावी अभियान
कांग्रेस ने हल्द्वानी को रैली के लिए चुनकर कुमाऊं से अपने चुनावी अभियान को गति देने का संकेत दिया है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बीच पार्टी ने संगठन को आगामी चुनाव के लिए सक्रिय करने का संदेश दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष की रैली को कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की उत्तराखंड की राजनीति में बढ़ती सक्रियता के तौर पर भी देखा जा रहा है।
हालांकि रैली को लेकर कांग्रेस के भीतर और बाहर राजनीतिक चर्चा के बीच यह सवाल भी उठा कि मंच से उत्तराखंड के कुछ प्रमुख जमीनी मुद्दों को अपेक्षित प्रमुखता नहीं मिली। पहाड़ में पलायन, मानव-वन्यजीव संघर्ष, ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाएं और स्थायी राजधानी जैसे मुद्दे वरिष्ठ नेताओं के भाषणों में प्रमुखता से सामने नहीं आए। इससे यह बहस भी शुरू हुई कि कांग्रेस का चुनावी फोकस स्थानीय जमीनी समस्याओं से ज्यादा सरकार विरोधी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मुद्दों पर केंद्रित रहा।
सुमित हृदयेश के तेवरों से बढ़ी राजनीतिक गर्मी
रैली के दौरान हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के तेवर भी चर्चा में रहे। कार्यकर्ताओं को रैली स्थल तक पहुंचने में कथित तौर पर हुई परेशानी को लेकर उन्होंने मंच से पुलिस और एसएसपी के खिलाफ नारे लगाए। उनके इस रुख ने कार्यक्रम के राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया।
कांग्रेस की इस रैली के बाद अब नजर भाजपा की प्रतिक्रिया और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर रहेगी। फिलहाल इतना साफ है कि हल्द्वानी से कांग्रेस ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपने अभियान को सार्वजनिक रूप से धार देने की कोशिश शुरू कर दी है और पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व उत्तराखंड के चुनावी मैदान में सक्रिय भूमिका निभाने के संकेत दे रहा है।

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें
हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440



