हरिहर मंदिर संभल जलाभिषेक को लेकर शिवसेना का प्रदर्शन, उत्तराखंड से पहुंचा शिष्टमंडल, कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद छोड़ा

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संभल। हरिहर मंदिर संभल में जलाभिषेक के लिए शिवसेना द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड से भी पार्टी का शिष्टमंडल विशेष रूप से शामिल हुआ। शिवसेना जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों और राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता पहुंचे।

उत्तराखंड से शामिल शिष्टमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष रूपेंद्र नागर, नैनीताल जिला अध्यक्ष त्रिलोक सिंह, हल्द्वानी महानगर मंत्री दीपक राजपूत, महानगर उपाध्यक्ष प्रमोद आर्या, मीडिया प्रभारी अभिषेक कश्यप एवं रोहित सिंह मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान वीरेंद्र अरोड़ा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिवसैनिक हरिहर मंदिर संभल जाने के लिए एकत्रित हुए। शिवसेना का दावा है कि मुरादाबाद समेत उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और अन्य प्रदेशों से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कार्यक्रम में पहुंचे थे। हालांकि, पुलिस-प्रशासन ने शिवसैनिकों को मंदिर की ओर जाने से रोकते हुए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

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वीरेंद्र अरोड़ा ने कहा कि शिवसेना हरिहर मंदिर में जलाभिषेक के अपने संकल्प पर कायम है और इसके लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है। उनके अनुसार, पुलिस प्रशासन द्वारा शिवसैनिकों को हिरासत में लेने के बाद करीब 84 घंटे बाद उन्हें रिहा किया गया।

इस दौरान शिवसेना के उत्तराखंड प्रदेश उपाध्यक्ष रूपेंद्र नागर ने कहा कि शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की प्रेरणा से संगठन पिछले 25 वर्षों से हरिहर मंदिर के मुद्दे को लेकर आंदोलन करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों के कार्यकाल में भी कई बार शिवसैनिकों की गिरफ्तारियां हुईं और मुकदमे दर्ज किए गए, लेकिन संगठन अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटा।

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रूपेंद्र नागर ने कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद शिवसैनिकों को उम्मीद थी कि जिस तरह अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ, उसी तरह हरिहर मंदिर भी सनातन समाज के लिए पूजन-अर्चना के लिए मुक्त होगा। उनका आरोप है कि जब-जब शिवसैनिकों ने जलाभिषेक के लिए मंदिर जाने का प्रयास किया, तब-तब शासन-प्रशासन ने उन्हें गिरफ्तार या नजरबंद कर आंदोलन को रोकने का प्रयास किया।

शिवसेना नेताओं ने कहा कि संगठन अपने मुद्दे को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखेगा और हरिहर मंदिर में जलाभिषेक के संकल्प को पूरा करने के लिए संघर्ष करता रहेगा।

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