करेला के कुछ औषधीय प्रयोग

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समाचार सच, अध्यात्म डेस्क। शरीर के लिए वैसे तो सभी सब्जियां बेहद फायदेमंद होती हैं, परन्तु जहां तक बात करेले की आती है तो अधिकांश लोग इसके कड़वेपन की वजह से खाना बिल्कुल पसंद नहीं करते हैं। गौर से देखा जाए तो इसके गुणों को देखते हुए इसका कड़वापन कोई दुर्गुण नहीं लगता। करेला भले ही लोगों को स्वाद में कड़वेपन कोई दुर्गुण नहीं लगता। करेला भले ही लोगों को स्वाद में कड़वेपन का अहसास कराता हो, लेकिन सही मायने में देखा जाए तो यह औषधीय गुणों से भरपूर एक लाभदायक सब्जी है। इतना हीं नहीं पौष्टिकता की दृष्टि से भी इसमें लगभग सभी तत्वों का समावेश पाया जाता है। यही वजह है कि प्रायः रोगियों को यह एक बेहतरीन औषधी के रूप में दिखलाई देता है। करेला बेहद उपयोगी, सर्वसुलभ और सस्ती सब्जियों में से एक है, जो रक्तशोधक होने के साथ-साथ प्रोटीन, लोहा, तांबा, फॉस्फोरस और कैल्शियम का भी बेहतर स्त्रोत होता है।
जोड़ों के दर्द में राहत दिलाएं –
बड़े-बुजुर्गों को अक्सर पैरों के जोड़ों के दर्द से परेशान होते देखा गया है। उन्हें नियमित रूप से उषाकाल के दौरान हल्की सी काली मिर्च के संग घी में करेले को भूनकर सेवन करना चाहिए। यकीनन उनकी इस समस्या का खुद ब खुद समाधान हो जाएगा।
पथरी का खात्मा करें –
पथरी से क्षुब्ध रोगियों को करेले का रस खाली पेट पीना काफी फायदेमंद सिद्ध होता है। यदि आप भी रोजमर्रा ऐसा करते हैं तो यकीन मानिए शरीर से पथरी गल-गलकर बाहर निकल जाएगी और कुछ समय बाद पथरी का खात्मा हो जाएगा।
पेट के कीड़े मारे –
यदि आपके लाड़ले बच्चे के पेट में कीड़े हो गए हैं तो करेले का रस दिन में तीन बार पिलाएं, लाभ होता है लेकिन यह भी अवश्य ध्यान रखें कि इस दौरान तले और गर्म पदार्थों के सेवन से भी उनका बचाव करना है नहीं तो उचित लाभ नहीं मिल सकेगा।
बवासीर रोग में लाभदायक-
देखने में आया है कि प्रतिदिन कड़वे करेले के रस में एक चम्मच शक्कर मिश्रण करके सुबह-शाम सेवन करने से बवासीर रेाग में आशातीत लाभ पहुंचाता है।
चर्म रोगों में उपयोगी –
करेला चर्म रोगों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए भी बेहद कारगर है, क्योंकि करेले भी बेहद कारगर है, क्योंकि करेले का रस रोजाना इस्तेमाल करने से फोड़े-फुंसियों, दाद, खुजली आदि अनेक त्वचा संबंधी रोगों से निजात पाया जा सकता है। इसके लिए आप संबंधित स्थानों पर करेले के रस का लेप लगाएं।
हृदय रोग में असरकारक –
करेले में पोटेशियम विशेष रूप से पाया जाता है। पोटेशियम मनुष्य के शरीर के लिए बहुत अनिवार्य होता है। और तो और हृदय को स्वस्थ रखनेे में भी यह अपनी अहम भूमिका निभाता है। अतः हृदय संबंधी रोगों में काफी फायदा मिलता है।
रक्त निर्माण में सहायक –
करेले में लोहा, तांबा, फॉस्फोरस के अतिरिक्त कैल्शियम प्रचुर मात्रा में विद्यमान होता है, जो अस्थि विकास और रक्त निर्माण में काफी अधिक मदद करता है।
इसके अलावा आप कभी-कभार होने वाले कब्ज, खांसी, मूत्र विकास, रतौंधी, उष्णवीर्य और चेचक इत्यादि समस्याओं में भी करेला लाभदायक है।

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