मसाले स्वाद ही नहीं सेहत के लिए भी जरूरी

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। कुछ मसालों में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और कैंसररोधी तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। बशर्ते मसाले पूरी तरह शुद्ध हों यानि उनमें किसी प्रकार की कोई मिलावट ना हो। भारत में पहले जमाने में आयुर्वेदाचार्य व वैद्य इन्हीं देशी मसालों और जड़ी-बूटियों से बड़े-बड़े रोगों का इलाज किया करते थे। आईए जानते हैं कुछ मसालों के फायदों के बारे मंे ….
हल्दी – हल्दी में बहुत से गुण हाते हैं, जैसे –

  • हल्दी में धमनियों में जमे कोलेस्ट्रॉल को घोलने की शक्ति होती है।
    -हल्दी में विटामिन ए, प्रोटीन, कार्बोहाईडेªट व कई लाभकारी खनिज तत्व होते हैं।
    -हल्दी में एक विशेष प्रकार का क्षारीय तत्व कर्कुमिन होता है जो कैंसर को रोकने में सहायक होता है।
    -हल्दी खून को साफ व पतला करती है। कफ को मिटाती है। इसमें एंटीसेप्टिक, एंटी बायोटिक और एंटी एलर्जिक गुण होते हैं। शरीर में किसी भी प्रकार का दर्द, चोट, घाव, खून की कमी आदि में हल्दी बहुत असरकारक होती है।
    -गरम दूध में हल्दी डालकर पीने से टूटी हुई हड्डी तेजी से जुड़ती है और अंदरूनी चोट ठीक होती है।
    -गरम पानी में नमक व हल्दी मिलाकर गरारे करने से गले की खराश ठीक होती है।
    जीरा
    -जीरा खाना पचाने में सहायक होता है।
    -जीरा गैस बनने से रोकता है।
    -कच्चा जीरा पीसकर इसमें समान मात्रा में गुड़ मिलाकर मटर के दाने के बराबर गोली बनाकर रख लें। ये गोली दो-दो दिन में तीन बार पानी के साथ लेने से स्त्रियों की गर्भाशय व योनि की सूजन, प्रसव के बाद गर्भाशय की शुद्धि और श्वेतप्रदर में बहुत लाभकारी है। इससे स्तर के दूध में भी बढ़ोतरी होती है।
    -जीरा, धनिया और सौंफ एक-एक चम्मच एक गिलास पानी में उबालें। आधा रह जाये तथा ठंडा होने पर छानकर एक चम्मच देसी घी मिला दें। इसे सुबह-शाम पीने से बवासीर में काफी आराम मिलता है।
    -छाछ में भुना जीरा डालकर पीने से दस्त ठीक होते हैं।
    राई
    -राई से पेट के कीड़े नष्ट होते हैं। गैस नहीं बनती व पाचन में सहायक होती है।
    -छाछ में राई का छोंक लगाकर पीने से दस्त ठीक होते हैं। इसकी प्रकृति गरम होती हैै। ये पसीना लाती है।
    धनिया
    -धनिया खाना पचाने में मदद करता है। इसकी तासीर ठंडी होती है।
    -धनिया एसीडिटी, पेट की गरमी, पेशाब की जलन, शरीर की जलन आदि में लाभप्रद है। गरमी के मौसम में देा गिलास पानी में 5 चम्मच साबुत धनिया पानी में रात को भिगो दें। सुबह छानकर पी लें। नकसीर, रक्त बवासीर में बहुत आराम मिलेगा।
    -खाना खाते ही प्रेशर बनता हो तो खाने के बाद एक चम्मच धनिया पाउडर में काल नमक मिलाकर फांक लें। समाधान हो जायेगा।
    इलायची
    -इलायची दूध व केले को पचाने के लिए उत्तम होती है। यह एसीडिटी को रोकती है। इलायची खाने से बेचैनी कम होती है।
    -इलायची का चूर्ण मिश्री के साथ लेने से उल्टी में आराम मिलता है। (क्रमशः…)
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