समाचार सच, हल्द्वानी। डॉ. सुशीला तिवारी चिकित्सालय परिसर में काम कर रही महिला सफाई कर्मी की अचानक मौत हो गई। इससे साथी कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने अनदेखी का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। बाद में प्राचार्य से वार्ता के बाद कर्मचारी शांत हुए। रेपिट टेस्ट में निगेटिव पाए जाने पर मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पीलीकोठी निवासी 50 वर्षीय भगवती देवी डॉ सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल में उपनल के माध्यम से सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत थी। मंगलवार की सुबह वह जब अस्पताल परिसर में सफाई कर रही थी तभी अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। उसे खून की उल्टियां होने लगी और वह गश खाकर जमीन पर गिर गई। यह देख साथ में काम कर रहे अन्य कर्मियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में महिला को इमरजेंसी वार्ड में उपचार के लिए ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में काम के दौरान महिला सफाई कर्मी की मौत से साथी कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन कर्मचारियों की अनदेखी कर रहा है। कहा कि उनसे लगातार काम लिया जा रहा है। पहले 14 दिन ड्यूटी 14 दिन रेस्ट दिया जा रहा था, अब लगातार 14 दिन ड्यूटी करवाने के बाद 15वें दिन कोरोना टेस्ट कराया जाता है। रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आने पर फिर से ड्यूटी लगा दी जाती है। साथ ही वह मृतका के परिवारजनों को मुआवजा देने की मांग करने लगे। बाद में आश्वासन पर वह शांत हुए। इस मामले में प्राचार्य डॉ सीपी भैसोड़ा का कहना है कि उपनल के ठेकेदार को मृतका के परिवारजनों को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए पत्र लिखा गया है। साथ ही रेपिड टेस्ट में मृतका की घ्कोविड रिपोर्ट निगेटिव आई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।

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