मेनोपॉज में होने वाले दर्द से लेकर तनाव तक की परेशानियों को दूर करेंगे ये उपाय

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समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क।
बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। अक्सर महिलाओं को 40-45 उम्र के बाद मेनोपॉज की समस्या होने लगती है। इस समस्या में महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्माेन का बदलाव होता है जिसमें एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्माेन शामिल होते हैं।

इन हार्माेनल चेंज के कारण महिलाओं को शाररिक और मानसिक समस्याएं होती हैं। इन समस्या में मूड स्विंग, बाल झड़ना, चिडचिड़ापन होना, स्ट्रेस, नींद की कमी और थकान जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं। इस कारण से मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को अपना खास ध्यान रखना चाहिए। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो इन 3 टिप्स की मदद से आप इस समस्या से कुछ राहत पा सकते हैं। आइए जानते हैं इन डमदवचंनेम त्मउमकल के बारे में….

डाइट में शामिल करें रागी
आप अपनी डेली डाइट में रागी को शामिल कर सकते हैं। हर दिन की ज़रूरत के अनुसार आप 100 ग्राम अपनी डाइट में शामल करें। रागी में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है जो जोड़ों को मजबूत रखने का काम करता है। मेनोपॉज में ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या या हड्डियों के कमजोर होने की संभावना सबसे अधिक होती है।

इसके अलावा मेनोपॉज के बाद वजन काफी बढ़ने लगता है और इसे कम करना मुश्किल हो जाता है। लेकिन रागी का आटा वजन कम करने में मदद कर सकता है। रागी में फाइबर मौजूद होता है और यह ग्लूटेन फ्री होता है। इस कारण से इसे पचाना भी आसान होता है।

ड्राई फ्रूट्स और सीड्स का सेवन
सुबह की शुरुआत भीगे हुए नट्स और सीड्स से करना चाहिए। ये कई ऐसे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो हार्माेन को संतुलित करने में मदद करते हैं। साथ ही इनमें ओमेगा 3 फैटी एसिड भी भरपूर मात्रा में होता है जो जोड़ों के दर्द, मूड स्विंग और हॉट फ्लैशेस जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।

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कद्दू, तिल, सूरजमुखी जैसे सीड्स सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। ड्राई फ्रूट्स में बादाम, पिस्ता और चिलगोजे जैसे नट्स पोषक तत्वों का पावर हाउस होते हैं। इसमें विटामिन्स, मिनरल्स और जरूरी फैटी एसिड मौजूद होते हैं, जो मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा नट्स में मैग्नीशियम भी होता है जो स्ट्रेस, थकान और ओवरथिंकिंग को कम करता है।

अश्वगंधा का करें सेवन
मेनोपॉज के समय मूड स्विंग्स और स्ट्रेस जैसे लक्षण सबसे ज्घ्यादा परेशान करते हैं। ऐसे में अश्वगंधा आपके मूड स्विंग्स को कम करने में मदद करता है और हार्माेन असंतुलित होने से भी रोकता है। इसलिए आप रोजाना सोने से पहले अश्वगंधा का सेवन कर सकते हैं। इसका सेवन करने के लिए इसे पानी या दूध में मिलाएं। चाय के साथ भी इसका सेवन कर सकते हैं लेकिन रात को चाय के सेवन से बचें।

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