बरसात में अक्सर पेट खराब होने की समस्या बनी रहती है, तो इन घरेलू उपायों का लें सहारा

खबर शेयर करें

समाचार सच, स्वास्थ्य डेस्क। सेब का सिरका बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद करता है। इसके अम्लीय गुण पेट की ख़राबी के लक्षणों से निपटने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इसका सेवन करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आप इसे हमेशा डायलूट करके ही लें।

मानसून का मौसम अपने साथ कई तरह की समस्याएं लेकर आता है। इन्हीं में से एक है पेट की समस्या। मानसून के मौसम में अधिकतर लोगों को पेट दर्द, पेट में जलन, सूजन, अपच और डायरिया जैसी समस्याओं से दो चार होना पड़ता है। यह समस्या इसलिए भी बढ़ती हैं, क्योंकि इस मौसम में लोग अपने खानपान को लेकर लापरवाह हो जाते हैं और ऐसे में उनका पाचन तंत्र प्रभावित होता है। इसलिए, इस मौसम में अपने आहार पर अतिरिक्त ध्यान देना आवश्यक है। साथ ही मानसून के मौसम में पेट की ख़राबी का इलाज करने के कुछ घरेलू उपायों को भी अपनाया जा सकता है। तो चलिए जानते हैं इन उपायों के बारे में-

यह भी पढ़ें -   शिव भक्ति में डूबा हल्द्वानीः दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की कलश यात्रा से गूंज उठा नगर

सेब के सिरके का करें सेवन
सेब का सिरका बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद करता है। इसके अम्लीय गुण पेट की ख़राबी के लक्षणों से निपटने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इसका सेवन करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आप इसे हमेशा डायलूट करके ही लें। आप एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच सेब का सिरका डालकर उसका सेवन कर सकते हैं।

पुदीना
पुदीने में मौजूद मेन्थॉल पेट की ख़राबी सहित पेट या पाचन संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए उपयोगी बनाता है। यह मांसपेशियों की ऐंठन को कम करने में मदद करता है और मतली और उल्टी जैसी अन्य समस्याओं को रोकता है। यह आपके पेट की जलन को शांत करके उसे ठंडक का अहसास करवाता है। आप कुछ पुदीने की पत्तियों को चबा सकते हैं या पुदीने की चाय पी सकते हैं।

अपने खाने में घी शामिल करें
आयुर्वेद में गाय के घी को बेहद अच्छा माना गया है। घी में मौजूद ब्यूटायरेट एसिड सूजन-रोधी होता है। घी पाचक रसों को उत्तेजित करता है और आपके शरीर को पोषक तत्वों को अवशोषित करने में मदद करता है। यह आंतों की सूजन को रोकने में बहुत कारगर है। यह कब्ज को भी दूर कर सकता है। इसलिए आपको भी हर भोजन से पहले आधा चम्मच घी का सेवन करना चाहिए।

यह भी पढ़ें -   होली के रंगों में सजी लोकसंस्कृति: ‘बरसत रंग फुहार’ पुस्तक का विमोचन”

प्रोबायोटिक्स पर करें फोकस
दही, छाछ, यहां तक कि फरमेंट सोयाबीन का सेवन करने की कोशिश करें। प्रोबायोटिक्स में अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जो हमारे पाचन तंत्र पर कार्य करते हैं, पोषण अवशोषण में सहायता करते हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन करते हैं। इसलिए, अपनी डाइट में प्रोबायोटिक्स को अधिक से अधिक शामिल करने की कोशिश करें।

हाइड्रेटेड रहें
पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से आप अपने सिस्टम से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल सकते हैं और पाचन तंत्र की सहायता कर सकते हैं। मानसून में अक्सर लोग पानी कम पीते है, लेकिन आप अधिक से अधिक मात्रा में पानी का सेवन करें ताकि आपका पाचन तंत्र सही तरह से काम कर सके। (साभार: मिताली जैन)

Ad Ad Ad Ad AdAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ लाइक करें

👉 यूट्यूब चैनल सबस्क्राइब करें

हमसे संपर्क करने/विज्ञापन देने हेतु संपर्क करें - +91 70170 85440