क्वारंटीन सेंटरों की बदहाली को सिस्टम पूरी तरह जिम्मेदार : डॉ0 इंदिरा

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नेता प्रतिपक्ष ने क्वारंटीन सेंटरों में हो रही मौतों पर जताया दुःख

समाचार सच, हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष डॉ इंदिरा हृदयेश ने क्वारंटीन सेंटरों में हो रही मौतों पर दुःख जताते हुए इसके लिए सिस्टम की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। व्यवस्था में सुधार न होने पर उन्होंने आक्रामक रूख अख्तियार करने की चेतावनी शासन-प्रशासन को दी है। यहां जारी एक बयान में नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि उत्तराखंड में क्वारंटीन सेंटरों की बदहाली से लोग पीड़ित हैं और इसके चलते लोग बीमार भी हो रहे हैं। क्वारंटीन सेंटरों की बदहाली के लिए सिस्टम पूरी तरह जिम्मेदार है। इसी लापरवाही के कारण बेतालघाट में बीते दिवस मासूम की सांप के काटने से मौत हो गई है। जो दुर्भाग्यपूर्ण व दुःखद है। इससे स्पष्ट है कि सरकार और सिस्टम की घोर लापरवाही के कारण एक परिवार ने असमय अपने बच्चे को खो दिया है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि इस भीषण गर्मी में ग्रामीण क्षेत्रों में बनाये गये क्वारंटीन सेंटर में रखे गये लोगों को शुद्ध पेयजल, बिजली व शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि कोरोना से बचकर अपने घर की ओर भाग रहे प्रवासी कोरोना से बच गये, परंतु सरकार और सिस्टम की लापरवाही से हार गये हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में क्वारंटीन सेंटर बनाने के लिए प्राइमरी स्कूलों की व्यवस्था का निरीक्षण किया गया? इस पर जिला प्रशासन ने प्रोजेक्टर पर व्यवस्था दिखाकर मुख्यमंत्री को गुमराह करने का काम किया है।

डॉ हृदयेश का यह भी आरोप है कि सत्तारूढ़ पार्टी के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री को सही स्थिति से आखिर अवगत क्यों नहीं कराया। कहा कि चापलूसी की सीमा की हद पार करते हुए मोदी चालीसा का गुणगान कर प्रदेश की जनता को धोखा देने का र्का किया जा रहा है। कोरोना महामारी के कारण जनता भूख व बेरोजगारी से पीड़ित है, ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह गंभीरता से सभी समस्याओं का समाधान करे।

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उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधानों व पंचायत प्रतिनिधियों को क्वारंटीन सेंटर की व्यवस्था के लिए कोई भी धनराशि अभी तक नहीं दी गई है। इन लोगों के कंधों पर प्रवासियों का बोझ लादकर शासन-प्रशासन बेपरवाह हो गया है। ट्रेनों से लौट रहे प्रवासी यात्रा के दौरान पानी तक को तरस रहे हैं। अतः सरकार तत्काल दूसरे प्रदेश से आ रहे उत्तराखंडियों को राशन किट, उचित चिकित्सा सुविधा व कम से कम दस हजार रूपये की सहायता उपलब्ध कराये। साथ ही नेता प्रतिपक्ष ने शासन-प्रशासन को चेताया है कि यदि लापरवाही के कारण प्रवासियों की मौत होती है तो कांग्रेस पार्टी पूरे राज्य में आक्रामक रूख अख्तियार करने बो बाध्य होगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि सर्पदंश से बच्ची की मौत की पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन ले और तत्काल पीड़ित परिवार को पांच लाख की सहायता प्रदान की जाए।

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