समाचार सच, हल्द्वानी। विज्डम स्कूल में वैशाखी पर्व का भव्य और यादगार आयोजन किया गया, जिसने पूरे विद्यालय परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने जबरदस्त उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी शानदार प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत बना दिया। हर तरफ खुशी, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों की झलक साफ नजर आई।
कार्यक्रम की शुरुआत वैशाखी पर्व के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को उजागर करते हुए की गई। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक राजेंद्र सिंह ने विस्तार से बताया कि इसी पावन दिन सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी, जो सिख इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब में यह पर्व नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है और यह फसल कटाई की खुशियों का प्रतीक है।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक केंद्र रहा छात्रों द्वारा प्रस्तुत पंजाबी लोकनृत्य ‘गिद्दा’, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों की ऊर्जा और तालमेल ने ऐसा समां बांधा कि पूरा परिसर तालियों की गूंज से गूंज उठा।
विद्यालय के प्रबंध निदेशक राजेन्द्र सिंह ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में वैशाखी के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व किसानों की मेहनत, खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश देते हुए ऐसे आयोजनों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रभारी पूजा खोलिया, सुधा सिंह, भावना बिष्ट और अन्य शिक्षकों का सराहनीय योगदान रहा। अंत में सभी ने मिलकर इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया और एक-दूसरे को वैशाखी की शुभकामनाएं दीं, जिससे पूरे स्कूल में खुशियों का माहौल छा गया।



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