सस्ता राशन उपलब्ध कराने वाले विक्रेताओं को रखा कोरोना वॉरियर्स की श्रेणी में

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समाचार सच, देहरादून। प्रदेेश के 23 लाख से अधिक परिवारों को सस्ता राशन उपलब्ध कराने वाले विक्रेताओं को भी सरकार ने कोरोना वॉरियर्स की श्रेणी में रखा है। यदि संक्रमण के कारण उनकी मौत होती है। तो उनके आश्रितों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलेगी।

ज्ञात हो कि प्रदेश में नौ हजार से अधिक सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें हैं। इन दुकानों के माध्यम से 23 लाख से अधिक परिवारों को हर महीने सस्ता राशन वितरित किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन में सस्ते गल्ले की इन दुकानों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक सस्ता राशन पहुंचाने के काम में ये दुकानें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसी के चलते सरकार ने इन विक्रेताओं को भी कोरोना वॉरियर्स की श्रेणी में शामिल किया है।

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सचिव खाद्य आपूर्ति सुशील कुमार का कहना है कि कोरोन वॉरियर्स को लेकर जारी शासनादेश में सस्ते गल्ले की दुकानों के विक्रेताओं को भी इसमें शामिल किया गया है। यदि किसी विक्रेता की कोरोना संक्रमण से मौत हो जाती है तो उसके परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सस्ते गल्ले की दुकानों पर सख्ती से निरीक्षण करें। खाद्यान्न वितरण में किसी तरह की अनियमितता नहीं होनी चाहिए।

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