देहरादून में फर्जी ‘राजनीतिक संपर्क’ का जालः ठगी मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भावुक

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समाचार सच, देहरादून। में सामने आए एक चर्चित ठगी प्रकरण ने उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मचा दी है। पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को बड़े राजनीतिक नेताओं से जुड़ा बताकर लोगों को झांसा दिया। इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए गणेश गोदियाल भावुक नजर आए और बातचीत के दौरान उनकी आंखों में आंसू आ गए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यदि पार्टी को उनसे बेहतर नेतृत्व मिल सकता है, तो उन्हें पद छोड़ने में कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने खुद को एक स्पष्टवादी व्यक्ति बताते हुए संगठन के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने भावना पांडेय नाम की महिला से लगभग 25 लाख रुपये की ठगी की। महिला का कहना है कि ठग ने खुद को राहुल गांधी का निजी सहायक बताकर संपर्क किया और विधानसभा चुनाव में टिकट दिलाने का झांसा दिया। इसी बहाने उसने अलग-अलग तरीकों से बड़ी रकम ऐंठ ली। जब पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ, तब तक काफी देर हो चुकी थी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

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इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए गणेश गोदियाल ने बताया कि आरोपी ने उन्हें भी फोन किया था और कहा था कि उनका प्रदेश अध्यक्ष पद खतरे में है। शुरुआत में उन्हें कुछ हद तक इस पर विश्वास हुआ, लेकिन जल्द ही उन्हें संदेह हो गया कि यह कोई फर्जी व्यक्ति है।

उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद वे मानसिक रूप से काफी परेशान रहे और कई दिनों तक सो नहीं पाए। मीडिया से बातचीत के दौरान वे भावुक हो गए, हालांकि बाद में खुद को संभालते हुए अपनी बात पूरी की।

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गोदियाल ने कहा कि इस मामले में पुलिस को पूरी सच्चाई सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि ठगी के पीछे का मकसद, इसमें शामिल अन्य लोग और पीड़ितों की पूरी जानकारी सामने लाई जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि जब आरोपी ने उनसे ‘सेटलमेंट’ की बात की, तब उन्हें पूरी तरह यकीन हो गया कि मामला संदिग्ध है। उन्होंने साफ इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है, इसलिए किसी तरह का समझौता नहीं करेंगे।

गोदियाल के मुताबिक, पिछले डेढ़ महीने से उन्हें अलग-अलग माध्यमों से अपने खिलाफ साजिश की सूचनाएं मिल रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में अभी भी कई तथ्य सामने नहीं आए हैं और पुलिस को सभी नामों का खुलासा करना चाहिए।

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